कसाब के वकील काज़मी हटाए गए

असल में पिछले दिनों अदालत में काज़मी ने झूठ बोला था। उन्होंने उसके लिए बिना शर्त माफी भी मांग ली थी, लेकिन विशेष अदालत ने उन्हें माफ नहीं किया। न्यायाधीश तहलियानी के निर्देश पर उन्हें हटा दिया गया है। कसाब की पैरवी अब काज़मी के सहायक वकील केपी पवार करेंगे। उन्हें भी विशेष अदालत ने ही नियुक्त किया है।
कोर्ट में झूठ बोलने की सजा
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मुंबई आतंकी हमलों की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील उज्जवल निकम ने अदालत से 340 अतिरिक्त गवाहों से पूछताछ करने के लिए हलफनामा दायर करने की अनुमति मांगी थी। पिछले आठ महीनों में निकम 271 गवाहों से पूछताछ कर चुके हैं।
इस पर जब काज़मी का पक्ष मांगा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं। यही नहीं अदालत में उन्होंने कहा कि गवाहों के हलफनामों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, जबकि निकम द्वारा उनके पास 340 हलफनामों की प्रतियां भेजी गई थीं।
इस तरह अदालत में झूठ बोलने पर न्यायाधीश ने काजमी को कड़ी फटकार भी लगाई थी, जिसके बाद गत शुक्रवार को ही काज़मी ने अदालत से माफी मांग ली थी, लेकिन सोमवार को भी यह मामला ठंडा नहीं पड़ा और विशेष अदालत ने काज़मी को कसाब की पैरवी से हटा दिया।












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