बांग्लादेशी मां ने जुड़ी हुई जुड़वां संतानों के जन्म की पीड़ा बयां की
भलेही आस्ट्रेलिया के डाक्टर सिर से जुड़ी कृष्णा और तृष्णा को वैज्ञानिक कौशल के बूते 31 घंटे के मैराथन आपरेशन के बाद अलग करने में सफल रहे, पर इन दोनों की मां लवली की पीड़ा हमेशा उसकी अतीत की यादों को सुलगाती रहेगी। लवली ने वूमेंस डे नामक पत्रिका को बताया कि इन दोनों के गर्भ से बाहर आने के बाद वह इतनी जोर से रोई कि आपरेशन के टांके टूट गए। दर्द इतना तेज था कि लगा मौत दबोच लेगी।
लवली कहती है, "तब इन दोनों मासूमों को इस हालत में देखकर मैं खूब रोई थी। जब डाक्टरों ने मेरे गर्भ से इन दोनों को बाहर खींचा तो मैं पछाड़ मारकर रोने लगी। ऐसा लगा जैसा दोनों को इस हालत में देखने की बेबस पीड़ा मेरी जान ले लेगी। मैं घोर सदमें थी।"
प्रसव की प्रक्रिया पूरी होने के एक दिन बाद उसकी गोद में इन बदनसीबों को रखा गया तो उसकी व्यथा और उदासी चरम पर जा पहुंची। ढाका से 137 किलोमीटर के फासले पर रहने वाली इस महिला की दोनों बच्चियों को आपरेशन के लिए दो साल पहले आस्ट्रेलिया लाया गया। 16 नवंबर को 31 घंटे के जटिल मैराथन आपरेशन के बाद दोनों को अलग किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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