बिहार में बच्चों का अनोखा बैंक 'बाल विकास खजाना'
पटना, 30 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार में इन दिनों बच्चों के बीच एक खास बैंक काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसकी खासियत यह है कि इसे बच्चे चलाते हैं और इसके खाताधाकरक भी बच्चे ही हैं। इस बैंक का नाम है 'बाल विकास खजाना'।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिला मुख्यालय के चतुर्भुज इलाके में बच्चे अपने लिए यह बैंक चला रहे हैं। चतुर्भुज के करीब 24 बच्चों ने मिलकर इस बैंक की स्थापना वर्ष 2004 में की थी। इस बैंक को स्वयंयेवी संस्था 'महिला विकास केन्द्र' और दिल्ली की संस्था 'बटरफ्लाई' मदद कर रही है। इसी शाखाएं सीतामढ़ी और बेतिया जिले में भी खुल चुकी हैं।
'बाल विकास खजाना' में करीब 1,200 खाताधारी हैं और यहां 25 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जमा है। इस बैंक के खाताधारियों में कचरा बीनने वाले, साइकिल की दुकान में काम करने वाले तथा ट्रैफिक सिग्नल पर सामान बेचने वाले बच्चे शामिल हैं। मुजफ्फरपुर की शाखा में करीब 850 खाताधारी हैं, जिनमें 400 रेडलाइट क्षेत्र के निवासी हैं।
'बाल विकास खजाना' के लिए काम करने वाली 13 वर्षीय आशना बताती हैं कि इस बैंक में 18 वर्ष कम आयु के लोग ही खाता खोल सकते हैं। 18 वर्ष की उम्र हो जाने के बाद इस बैंक के खाताधारी अपने पैसों को अन्य सरकारी बैंकों में जमा कर देते हैं। वह बताती है कि इस बैंक में पैसा जमा करने के पूर्व यह भी जाना जाता है कि वह बच्चा ये पैसे कहां से लाया है।
खाताधारी इस बैंक में पांच रुपये से लेकर 500 रुपये तक जमा कर सकते हैं। जमा राशि की एवज में प्रति तीन माह के बाद जमा राशि में ब्याज जोड़ा जाता है। बकरीद के मौके पर 12 वर्षीय रुखसार ने अपने खाते से 170 रुपये निकालकर कपड़े और मिठाइयां ली थीं तो चांदनी ने 80 रुपये निकाल कर चूड़ियां और श्रृंगार की चीजें खरीदीं। यही नहीं खाताधारकों को बैंक कर्ज भी देता है। नरेश कुमार ने बैंक से कर्ज लेकर एक चाय दुकान खोली है तो नाजिया बैंक से कर्ज लेकर कर एक जूस की दुकान की मालिकन बन बैठी है।
ऐसा नहीं कि बैंक चलाने वाले करीब 12 बच्चे बैंक में ही लगे रहते हैं, ये स्कूल भी जाते हैं और शहर में अन्य काम करने भी जाते हैं। इधर, स्वयं सेवी संस्था महिला विकास केन्द्र के कार्यक्रम पदाधिकारी अब्दुल रहीम ने बताया कि इस बैंक से बच्चों में जमा करने की प्रवृत्ति बढ़ गई है तथा अपने जमा किए पैसे आज उन्हें रोजगार के साधन जुटाने में मदद कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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