काजमी हटे, पवार होंगे कसाब के वकील (लीड-2)
यह कदम काजमी द्वारा 'झूठ बोलने के लिए' बिना शर्त माफी मांगे जाने के तीन दिन बाद उठाया गया है। अब कसाब की पैरवी काजमी के सहायक-वकील के.पी. पवार करेंगे। काजमी को कसाब की पैरवी के लिए विशेष अदालत ने नियुक्त किया था।
आज सुबह विशेष न्यायाधीश ने विशेष सरकारी वकील उज्जव निकम द्वारा सौंपे गए 340 नए गवाहों की सूची में से 71 गवाहों पर विचार करने को कहा, लेकिन काजमी न्यायाधीश के सुझाव को खारिज करते हुए सभी 340 गवाहों पर विचार करने को कहा।
इस पर न्यायाधीश ने कहा कि काजमी अदालत का सहयोग नहीं कर रहे हैं और मामले को लंबा खींचने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि काजमी को यह भी लगता है कि वह इस मामले की सुनवाई के लिए 'अपरिहार्य' है और उनके बिना सुनवाई हो ही नहीं सकती। इसके बाद न्यायाधीश ने उन्हें मामले से बर्खास्त कर दिया। इसके साथ ही काजमी को सभी कागजात तुरंत अपने सहयोगी पवार को सौंपने को कहा गया।
अदालत में झूठ बोलने पर न्यायाधीश ने काजमी को पिछले सप्ताह कड़ी फटकार भी लगाई थी। हालांकि शुक्रवार को ही उन्होंने इसके लिए माफी मांग ली थी।
यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब सरकारी वकील उज्जवल निकम ने अदालत से आतंकवादी हमलों के 340 अतिरिक्त गवाहों से पूछताछ करने के लिए हलफनामा दायर करने की अनुमति मांगी थी। पिछले आठ महीनों की सुनवाई के दौरान निकम 271 गवाहों से पूछताछ कर चुके हैं।
इस संबंध में जब काजमी ने दावा किया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो निकम ने बताया कि उन्हें मामले की सुनवाई की शुरुआत और फिर 17 नवंबर को भी सभी 340 हलफनामों की प्रतियां भेजी गई थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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