इशरत मामले में गुजरात उच्च न्यायालय में सुनवाई पर रोक
राज्य सरकार ने अपनी याचिका में महानगरीय दंडाधिकारी द्वारा की गई मामले की उस जांच को रद्द करने की मांग की है, जिसमें मुंबई की छात्रा इशरत जहां और उसके तीन साथियों की जून 2004 में की गई हत्या के लिए अहमदाबाद पुलिस को जिम्मेदार ठहराया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बी.सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने सात दिसंबर तक इस मामले में किसी भी तरह की न्यायिक कार्यवाही करने पर रोक लगा दी है। सर्वोच्च न्यायालय में सात दिसंबर को इस मामले की सुनवाई होनी है।
सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्थगन आदेश इशरत जहां की मां शमीमा कौसर की एक याचिका पर दिया है। कौसर ने सर्वोच्च न्यायालय से गुहार की थी कि वह अहमदाबाद महानगरीय दंडाधिकारी एस.पी.तमांग की उस रिपोर्ट को पुनर्जीवित करे, जिसमें अहमदाबाद पुलिस को इशरत जहां सहित उसके साथियों को लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी करार देने और उसके बाद उनकी हत्या करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
इस रिपोर्ट को उच्च न्यायालय ने नौ सितंबर को निलंबित कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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