'भोपाल गैस पीड़ितों को याद करें सांसद'

भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन और भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की ओर से लोकसभा अध्यक्ष और हामिद अंसारी को लिखे पत्र में कहा गया है, "वर्ष 1984 की 2-3 दिसंबर की रात को यूनियन कार्बाइड संयंत्र से रिसी गैस ने पूरे शहर में भयंकर तबाही मचा दी थी। सरकार और यूनियन कार्बाइड के बीच हुए समझौते में पीड़ितों के लिए 47 करोड़ अमेरिकी डॉलर दिए गए। यह समझौता एक लाख पांच हजार पीड़ितों और मृतकों की संख्या तीन हजार मानकर किया गया था जबकि हकीकत में पीड़ितों की संख्या पांच लाख 70 हजार और मृतकों की संख्या 15 हजार थी।"

पत्र में आगे लिखा गया है कि हादसे को 25 साल होने के बावजूद अस्पतालों में 6000 हजार लोग प्रतिदिन पहुंचते हैं। मुआवजे के नाम पर कुछ ज्यादा नहीं मिला है। इतना ही नहीं गैस पीड़ित कई तरह की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और उनकी मदद करने वाला कोई नहीं है। इस पत्र में कहा गया है कि दिल्ली के उपहार सिनेमा में मारे गए लोगों को 15 से 18 लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपए मिले हैं वहीं गैस पीड़ितों को कुछ हजार में ही संतोष करना पड़ा है।

भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार और भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति के सहसंयोजक एन.डी. जय प्रकाश ने मीरा कुमार तथा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को अलग-अलग लिखे पत्रों में आग्रह किया है कि देश के दोनों सदनों के सदस्य न केवल भोपाल गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि दें बल्कि सरकार पर यह दबाव डालें कि वह अपनी पुरानी गलती को सुधारते हुए गैस पीड़ितों की हर संभव मदद करे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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