वायुसेना के बेड़े में शामिल रूस निर्मित इस बेहद उन्नत विमान में सवार पायलट और सहयोगी पायलट समय रहते सीट इजेक्शन प्रणाली की मदद से अपनी जान बचाने में सफल रहे।इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।