सांसदों की अनुपस्थिति को लेकर लोकसभा अध्यक्ष चिंतित (लीड-1)
लोकसभा अध्यक्ष ने भोजनावकाश के दौरान संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, "यह एक चिंता का विषय है। मैं इन मुद्दों पर सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को लिखने जा रही हूं।"
इसके पहले सदन में प्रश्न पूछने वाले सांसदों की अनुपस्थिति के कारण केवल तीन मंत्रियों से ही प्रश्न पूछे जा सके।
खासतौर से वामपंथी पार्टियों के कुछ सांसद जो प्रश्न पूछने वाले थे, वे पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति के आकलन के लिए केंद्रीय दल भेजे जाने को लेकर लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष के आसन तक मार्च किया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी इस मांग में उनका साथ दिया।
सांसदों के प्रदर्शन के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में कहा, "प्रश्ननकाल बेकार होने की स्थिति में हैं।"
मीरा कुमार ने विरोधरत सांसदों से अनुरोध किया कि वे लोकसभा अध्यक्ष को बगैर व्यवधान के प्रश्नकाल संचालित करने दें। लेकिन वामपंथी और सपा सांसद अपनी मांग पर अड़े रहे और लगातार नारेबाजी करते रहे। फिर भी लोकसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल जारी रखा।
अंतत: सुबह 11.30 बजे लोकसभा अध्यक्ष ने 30 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी, क्योंकि प्रश्न पूछने वाले सांसदों में भाजपा के वरुण गांधी और कांग्रेस के मधु गौड़ यास्खी, श्रुति चौधरी, प्रबोध पंडा और राजीव रंजन सिंह सदन में अनुपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications