नकली पुलिस अधिकारी के झांसे में आने वाला मीडियाकर्मी न्याय मांग रहा है
नबील ए.खान
नई दिल्ली, 30 नवंबर (आईएएनएस)। एक नकली पुलिस अधिकारी की धमकी से परेशान होकर टेलीफोन बिल चुकाने वाला एक मीडिया पेशेवर पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि मोबाइल कंपनी इस पूरे प्रकरण में खुद को पाक-साफ बता रही है।
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में रहने वाले मीडिया पेशेवर प्रसून श्रीवास्तव की पत्नी राशि को 26 नवंबर को एक कॉल मिला। फोन करने वाले ने खुद को मंडावली पुलिस थाने का अधिकारी बताते हुए धमकी दी कि अगर राशि के पति ने टाटा टेलीसर्विसेज का बकाया बिल नहीं चुकाया तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा, क्योंकि उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस व्यक्ति ने अपना नाम देवेंद्र वसीम बताया। उसने उप निरीक्षक होने का दावा किया।
उस व्यक्ति ने एक वकील का फोन नंबर भी दिया और कहा कि वकील से बातचीत कर मामले को सुलझा ले, नहीं तो प्रसून जेल चला जाएगा। प्रसून ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "मेरी पत्नी से कहा गया कि अगर बिल के तौर पर 7,205 रुपए चुका दिए जाते हैं तो मामला रफा-दफा हो जाएगा।"
प्रसून ने पत्नी के समझाने पर रकम चुका दी। उसने मोबाइल कंपनी की घटिया सेवा से आजिज आकर बिल चुकाना बंद कर दिया था। प्रसून ने जब बाद में मंडावली थाने में फोन किया तो उसे बताया गया कि यहां वसीम नामक कोई पुलिसकर्मी नहीं है। इस नकली पुलिस अधिकारी के खिलाफ कई शिकायतें मिल चुकी हैं।
प्रसून ने 27 नवंबर को मालवीय नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी जरनैल सिंह कहते हैं, "हम मामले की जांच कर रहे हैं।" दूसरी ओर टाटा टेलीसर्विसेज ऐसी घटना से पूरी तरह अनजान होने का दावा कर रही है। इसके प्रवक्ता ने कहा, "हमसे इस मसले पर किसी भी जांच अधिकारी ने बातचीत नहीं की है। जहां तक कंपनी की बात है तो वह ऐसे हथकंडे नहीं अपनाती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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