रेडियोधर्मी पदार्थ मिलाने वाला हो सकता है संयंत्र का कर्मचारी (लीड-1)
संयंत्र के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर आईएएनएस को बताया कि पानी में रेडियोधर्मी पदार्थ ट्राइटियम मिलाने वाले व्यक्ति को पकड़ना और भी कठिन हो गया है। वाटर कूलर का पानी पीने से 24 नवंबर को 45 कर्मचारी बीमार पड़ गए थे।
अधिकारी ने कहा कि संयंत्र में 1,689 स्थायी और लगभग 5,000 अनुबंधित कर्मचारी हैं। अधिकारी ने कहा कि संयंत्र में अनुंबध के आधार पर दो श्रेणियों में कर्मचारी काम करते हैं।
कैगा संयंत्र के निदेशक जे.पी.गुप्ता ने कहा, "उस दिन जितने लोग रिएक्टर इमारत के अंदर आए थे, उनकी सूची हमारे पास है। जांच एजेंसियां मामले की छानबीन कर रही हैं।"
परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल कोकोदकर ने भी कहा है कि इस घटना में अंदरूनी व्यक्ति का हाथ हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि ट्राइटियम से कैंसर भी हो सकता है। बीमार पड़ने वाले कर्मचारी संयंत्र की यूनिट एक से जुड़े हैं। भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
एनपीसीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एस.के.जैन ने रविवार को कहा था कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
जैन ने कहा था कि वार्षिक रखरखाव के लिए यूनिट एक 20 अक्टूबर से बंद था। रखरखाव के कार्य के लिए 500 कर्मचारी लगे हुए थे, जिनमें अधिकांश अनुबंधित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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