सरकोजी का मनमोहन से कोपेनहेगेन सम्मेलन में हिस्सा लेने का आग्रह
पोर्ट ऑफ स्पेन, 28 नवंबर (आईएएनएस)। फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कोपेनहेगेन में जलवायु परिवर्तन पर होने वाले संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में शामिल होने का आग्रह किया। सिंह ने इस प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल में अपने सहयोगियों से चर्चा का आश्वासन दिया है।
राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (चोगम) के प्रेस केंद्र में सरकोजी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने मनमोहन सिंह से 7-18 दिसम्बर के कोपेनहेगेन सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विशेष आग्रह किया।
सरकोजी ने बताया कि सिंह ने उनसे कहा कि भारत लौटने के बाद वह कोपेनहेगेन सम्मेलन में हिस्सा लेने के इस प्रस्ताव के बारे में मंत्रिमंडल में चर्चा करेंगे।
सरकोजी ने कहा कि भारत के साथ परमाणु प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते को अंतिम रूप देने के लिए मार्च या अप्रैल 2010 में भारत का दौरा करने की उनकी योजना है।
कार्बन उत्सर्जन के बारे में सरकोजी ने कहा कि इसके निरीक्षण के लिए उन्होंने एक वैश्विक संस्था बनाने का प्रस्ताव रखा है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्याओं से उबरने के लिए गरीब देशों को सहायता देने के वास्ते 10 अरब डॉलर के कोष की स्थापना के बारे में ब्रिटिश प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन से उनकी चर्चा हुई है। भारत को इससे लाभ हो सकता है।
कोपेनहेगेन वार्ता के परिणामदायक और प्रगतिशील होने की उम्मीद जताते हुए सरकोजी ने कहा, "हम चाहते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत की आवाज सुनी जाए।"
उन्होंने भरोसा जताया कि सम्मेलन की सफलता के रास्ते में भारत अवरोध नहीं बनेगा। कोपेनहेगेन सम्मेलन को ऐतिहासिक बताते हुए सरकोजी ने भरोसा जताया कि सभी चुनौतियों को पार कर लिया जाएगा।
सरकोजी ने कहा, "यदि हम कोपेनहेगेन में असफल हुए तो सब विफल हो जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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