राष्ट्रमंडल फिर से विश्व बिरादरी का नेतृत्व कर सकता है: एलिजाबेथ द्वितीय

पोर्ट-ऑफ स्पेन, 28 नवंबर (आईएएनएस)। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने कहा है कि 53 देशों के संगठन राष्ट्रमंडल को फिर से दुनिया का नेतृत्व करने का मौका मिला है। इस बार यह संगठन जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में दुनिया का मार्गदर्शन कर सकता है।

उन्होंने यहां राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों के शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या हमारी मुख्य चुनौती है और राष्ट्रमंडल इस मामले में दुनिया को राह दिखा सकता है। महारानी एलिजाबेथ ने कहा कि राष्ट्रमंडल को इस पर गर्व होना चाहिए कि उसने पिछले छह दशकों के अपने इतिहास में कई प्रमुख चुनौतियों से निपटने के मामले में दुनिया का मार्गदर्शन किया। इस संगठन ने इन चुनौतियों से निपटने की रणनीति का स्वरूप तय किया है।

संगठन की संवैधानिक प्रमुख एलिजाबेथ ने शुक्रवार की रात नेशनल सेंटर फॉर द परफार्मिग आर्ट्स में शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन पर कोपेनहेगन में होने वाला संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन हमें जलवायु परिवर्तन के खिलाफ मुहिम तेज करने की प्रेरणा देगा। इससे राष्ट्रमंडल को दुनिया को राह दिखाने का नया मौका मिलेगा।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिह समेत दुनिया के कई शासनाध्यक्षों की शिरकत वाले इस सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पर्यावरण को खतरा हमारी नई चुनौती नहीं है, लेकिन अब यह पूरी दुनिया के लिए खतरनाक चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षो में इससे हमारी सुरक्षा एवं स्थायित्व को खतरा पहुंचेगा। राष्ट्रमंडल देशों में ऐसे लोगों पर इसका खास असर पड़ेगा जो पहले से ही अपनी आजीविका को लेकर असुरक्षित महसूस करते रहे हैं।

उन्होंने इस मौके पर राष्ट्रमंडल की युवा ताकत को संवारने की जरूरत पर बल दिया। महारानी ने कहा कि युवाओं को यह भरोसा दिलाने की जरूरत है कि राष्ट्रमंडल उनकी आकांक्षाओं को पूरी करने की क्षमता से लैस है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+