मनमोहन सिंह के लिए ओबामा के भोज पर मंथन कर रहा है चीन
मीडिया की राय है कि अमेरिका ने भारत-पाक रिश्ते की कड़वाहट से चिंतित होकर मनमोहन सिंह की यात्रा को इतनी महत्ता दी है।
सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चायना के आधिकारिक मुखपत्र 'पीपुल्स डेली' का मानना है कि अमेरिका ने भारत-पाक रिश्ते की मौजूदा स्थिति से चिंतित होकर, न कि आतंकवाद के खिलाफ जंग में भारत की भूमिका से प्रभावित होकर भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा को ज्यादा महत्ता दी।
'पीपुल्स डेली' की राय है कि आतंकवाद विरोधी मुहिम में अमेरिका मुख्यत: पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर निर्भर है। उसके मुताबिक दक्षिण एशिया में आतंकवाद के खिलाफ मुहिम में पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही अमेरिका के प्रमुख सहयोगी हैं,न कि भारत।
इसमें लिखा गया है कि जब से ओबामा ने सत्ता की कमान थामी है, पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ मुहिम के मोर्चे पर ज्यादा प्रबल किरदार बन गया है। भारत को डर है कि दक्षिण एशिया के जटिल भू-राजनीतिक समीकरणों में उलझ कर वह कहीं महज सामान्य क्षेत्रीय भूमिका निभाने वाला देश ही बनकर न रह जाए।
उसका दावा है कि भारतीय रणनीतिकारों को यह अहसास हो चुका है कि दक्षिण एशिया में दहशतगर्दी के खिलाफ जंग में अमेरिका भारत पर निर्भर न होकर पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान पर निर्भर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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