दिल्ली में धार्मिक आस्था से मनाई गई बकरीद
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में हजारों लोग इबादत के लिए एकत्र हुए। परंपरा के मुताबिक लोगों ने ईद के मौके पर नए-नए कपड़े पहने। इबादत के बाद बकरों और जानवरों की कुर्बानी दी गई और मांस गरीबों में वितरित किया गया।
ईद-उल-जुहा मुसलमान कैलेंडर का यह एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। हजरत इब्राहिम द्वारा अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तत्पर हो जाने की याद में इस त्योहार को मनाया जाता है। इस्लाम के विश्वास के मुताबिक अल्लाह हजरत इब्राहिम की परीक्षा लेना चाहते थे और इसीलिए उन्होंने उनसे अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए कहा।
हजरत इब्राहिम को लगा कि कुर्बानी देते समय उनकी भावनाएं आड़े आ सकती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी। जब उन्होंने पट्टी खोली तो देखा कि मक्का के करीब मिना पर्वत की उस बलि वेदी पर उनका बेटा नहीं, बल्कि दुंबा था और उनका बेटा उनके सामने खड़ा था। विश्वास की इस परीक्षा के सम्मान में दुनियाभर के मुसलमान इस अवसर पर अल्लाह में अपनी आस्था दिखाने के लिए जानवरों की कुर्बानी देते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications