नरेगा अधिनियम से गांव के अंतिम आदमी को राहत मिले : जोशी
नई दिल्ली, 28 नवंबर (आईएएनएस)। केन्द्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री डा. सी.पी.जोशी ने कहा है कि नरेगा अधिनियम के अंतर्गत पंचायतों को काम काज के लिए जो ढांचा मिला है उसका इस्तेमाल उन सभी कामों के लिए किया जाना चाहिए जिससे गांव के अन्तिम आदमी को राहत मिले और उसके स्वाभिमान की रक्षा हो सके।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में शनिवार को राज्यों के पंचायत राज सचिवों के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं की सफलता के लिए यह जरूरी है कि उन्हें रोजमर्रा के काम काज करने के लिए अनुकूल व्यवस्था और स्थान मिले। राज्यों के सचिवों को चाहिए कि वे इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करें ताकि पंचायतें अपनी सही भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि नरेगा के अंतर्गत ग्राम सभा/वार्ड सभा की सक्रिय भागीदारी के साथ योजना बनाने का काम पूरी तत्परता से करने के लिए जागरूकता भी बढाई जानी चाहिए।
डॉ. जोशी ने कहा कि राज्यों में ग्रामीण विकास और पंचायत राज से संबंधित अधिकारियों के पास सभी प्रकार की क्षमताएं हैं, किन्तु उसका स्वाभाविक लाभ गामीण जनता को नहीं मिल रहा है। केन्द्र सरकार चाहती है कि 'जनता की शक्ति जनता के हाथ' में रहें। यह तभी संभव है जब पंचायतें अपना काम-काज बिना किसी रुकावट के कर सकें।
उन्होंने कहा कि 'केन्द्र' सभी प्रकार की सहायता और निर्देश समय-समय पर राज्यों को भेज रही है, लेकिन परिणाम उतने उत्साहजनक नही हैं।
पंचायती राज मंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर, 2009 से 2 अक्टूबर, 2010 तक मनाए जाने वाले 'ग्राम सभा वर्ष' को कारगर ढंग से मनाने के लिए केन्द्र ने अपनी गाइड लाइन राज्यों को भेज दी हैं जरूरत इस बात की है इस आयोजन को सफल बनाने में राज्य अपनी सक्षम भूमिका निभाएं।
डा. जोशी ने कहा कि 'पंचायत घर' बनाने के लिए 'नरेगा' के तहत जो भी दिशा निर्देश दिए गए हैं उनका पालन किया जाना चाहिए और धन का प्रयोग सही तरीके से किया जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications