बिहार सरकार कराएगी खेतों की मिट्टी की उर्वरता की जांच
सरकार का मानना है कि किसानों को मिट्टी की जांच की सलाह देते-देते सरकार थक चुकी थी परंतु राज्य के अधिकांश किसानों ने अपने खेतों की मिट्टी जांच नहीं करवाई फलत: इसका जिम्मा खुाद सरकार ने उठा लिया है।
राज्य के कृषि विभाग के उप निदेशक (सूचना) ए़ सी़ जैन ने शनिवार को बताया कि मिट्टी जांच के लिए पांच से सात दिसंबर तक पूरे राज्य में अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी गांवों में खेती की जा रही खेतों की मिट्टी की जांच की जाएगी। जांच के बाद मिट्टी के प्रकार से किसानों को अवगत करा दिया जाएगा तथा इसके लिए उन्हें स्वायल हेल्थ कार्ड भी दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके अलावे सरकार प्रत्येक ग्राम पंचायत की मिट्टी की अलग से जांच कराकर उसके परिणाम को अपने रिकॉर्ड में रखेगी। यह जांच केन्द्रीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला में कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि मिट्टी के नमूने एकत्र करने के लिए सरकारी कर्मचारियों के अलावा बेरोजगार कृषि स्नातकों और अवकाशप्राप्त कर्मियों को लगाया जाएगा। जैन ने बताया कि 15 फरवरी तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास मिट्टी की उर्वरता और उत्पादकता का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, इस कारण उत्पादकता निर्धारण में परेशानी होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications