हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कुर्बानी का त्योहार बकरीद (राउंडअप)
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में हजारों की संख्या में मुसलमान इबादत के लिए एकत्र हुए। परंपरा के मुताबिक लोगों ने ईद के मौके पर नए-नए कपड़े पहने। इबादत के बाद बकरों तथा अन्य पशुओं की कुर्बानी दी गई और मांस गरीबों में वितरित किए गए।
ईद-उल-जुहा, मुस्लिम कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। हजरत इब्राहिम द्वारा अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तत्पर हो जाने की याद में इसे मनाया जाता है। इस्लाम धर्म के मुताबिक अल्लाह हजरत इब्राहिम की परीक्षा लेना चाहते थे और इसीलिए उन्होंने उनसे अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए कहा।
हजरत इब्राहिम को लगा कि कुर्बानी देते समय उनकी भावनाएं आड़े आ सकती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी। जब उन्होंने पट्टी खोली तो देखा कि मक्का के करीब मिना पर्वत की उस बलि वेदी पर उनका बेटा नहीं, बल्कि दुंबा था और उनका बेटा उनके सामने खड़ा था। विश्वास की इस परीक्षा के सम्मान में दुनियाभर के मुसलमान इस अवसर पर अल्लाह में अपनी आस्था दिखाने के लिए पशुओं की कुर्बानी देते हैं।
बिहार के सभी हिस्सों में भी बकरीद का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने की खबर है।
पटना की माखनपुर शाही ईदगाह, खानकाह इमादिया, झाउगंज मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई।
बकरीद के मौके पर पूर्णिया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, कटिहार, किशनगंज सहित सभी जिलों की मस्जिदों में मुसलमानों ने नमाज अदा की। इस मौके पर लोगों ने नए-नए कपड़े पहनकर इबादत की और उसके बाद अल्लाह में अपना यकीन जताते हुए बकरों की कुर्बानी दी।
इस मौके पर पटना सहित पूरे राज्य में शांति व्यवस्था के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। पटना के शहरी क्षेत्रों में 34 दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी।
इसी तरह उत्तर प्रदेश की मस्जिदों में हजारों लोगों ने नमाज अदा की। इस मौके पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई थी।
लखनऊ में ऐशबाग ईदगाह और आसिफी मस्जिद में विशेष इबादत के लिए बड़ी तादाद में लोग एकत्रित हुए।
इबादत के बाद विशेष तौर पर बकरों की कुर्बानी दी गई और मांस को परिवार के सदस्यों, मित्रों और गरीबों के बीच वितरित किया गया।
रकाबगंज क्षेत्र में रहने वाले नसीम अंसारी ने कहा, "हमने अल्लाह से देश में आतंकवाद के खात्मे की दुआ मांगी है, जो कि अब एक वैश्विक चुनौती बन गया है।"
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस एक्शन कमेटी (पीएसी) की 35 कंपनियां और त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) की 10 कंपनियां पूरे उत्तर प्रदेश में विभिन्न जगहों पर तैनात की गईं।
राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) बृजलाल ने संवाददाताओं को बताया, "सुरक्षा बलों को सभी अतिसंवेदनशील जगहों पर तीन दिनों के लिए तैनात किया गया है।"
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुबह हजरत बल में नमाज अदा की। हजारों अन्य लोगों ने भी नमाज अदा की और उसके बाद बकरे की कुर्बानी दी।
असम में लोगों ने इस अवसर पर शांति व सौहाद्र्र के लिए नमाज अदा की। कई स्थानों पर राज्य में हिंसा और उग्रवाद को समाप्त करने के लिए विशेष तौर से नमाज अदा की गई। ईद के मौके पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी।
मुसलमानों की बड़ी आबादी वाले केरल राज्य में शुक्रवार को ही ईद का त्योहार मनाया गया।
महाराष्ट्र में ईद के मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मुंबई, ठाणे, नासिक, मालेगाव, औरंगाबाद और अहमदनगर में ईद का त्योहार पूरे अकीददत के साथ मनाया गया।
हैदराबाद में ऐतिहासिक मीर आलम ईदगाह में सबसे बड़ा जलसा आयोजित किया गया। यहां सर्वाधिक लोगों ने नमाज अदा की। ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में दूसरा सबसे बड़ा जलसा आयोजित हुआ। इसके अलावा राज्य के अन्य सैकड़ो मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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