कम्प्यूटर की गड़बड़ी के कारण पहले दिन प्रभावित हुई कैट परीक्षा (राउंडअप)
देश भर में 11 केंद्रों पर कम्प्यूटर ठीक से नहीं चल पाए, जिसके कारण कई परीक्षार्थी परीक्षा नहीं दे पाए। ज्ञात हो कि कैट की परीक्षा पहली बार ऑनलाइन आयोजित की जा रही है।
देश के 32 शहरों में जैसे ही यह परीक्षा शुरू हुई, उसके तत्काल बाद कम्प्यूटर में गड़बड़ी आ गई, लेकिन परीक्षा के आयोजकों का कहना है कि इस गड़बड़ी के कारण 12,000 परीक्षार्थी प्रभावित हुए हैं।
आईआईएम की कैट समिति के समन्वयक सतीश देवधर ने कहा कि इन केंद्रों पर कुछ साफ्टवेयरों के सर्वर के साथ न जुड़ पाने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है।
देवधर ने कहा, "पहली बार कैट परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जा रही है। डेमो के ऑनलाइन बनाए रखने के हमारे प्रयास के बावजूद परीक्षार्थियों ने गलत बटन दबा दिए, जिसके कारण उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ा है। ये मामूली समस्याएं हैं। हम अगले 10 दिनों के दौरान ही इन परीक्षार्थियों की छूट गई परीक्षाएं पूरी करा लेंगे। यदि ऐसा संभव नहीं हो सका तो इन छात्रों के लिए एक दिन अलग से परीक्षा आयोजित की जाएगी। आशा है, इस तरह की समस्या दोबारा नहीं खड़ी होगी।"
एक निजी कोचिंग संस्थान, टाइम इंस्टीट्यूट के निदेशक उल्हास वैरागकर ने आईएएनएस को बताया, "हमें छात्रों के फोन आए कि कम्प्यूटर में गड़बड़ी के कारण वे परीक्षा नहीं दे सके। छात्रों को बताया गया कि उन्हें दूसरा समय मिल सकता है।"
कई सारे परीक्षार्थियों ने कम्प्यूटर में गडबड़ी की शिकायत की है। बेंगलुरू में मोहिनी पी. ने कहा, "यह बहुत निराशाजनक है। मैं पूरी तरह तैयार होकर आई थी, मगर परीक्षा नहीं दे पाई क्योंकि कम्प्यूटर लॉग आन ही नहीं हो पाया। कोई भी मेरी मदद के लिए नहीं आया।"
दिल्ली में एक परीक्षा केंद्र के बाहर एक परीक्षार्थी ने कहा, "वहां पूरी तरह अफरातफरी थी। किसी को भी पता नहीं था कि कम्प्यूटर को लाग ऑन कैसे करना है। मात्र परीक्षार्थियों को छोड़ कर प्रशासन को पासवर्ड के बारे में जानकारी नहीं थी।"
मुंबई में अधिकारियों से संपर्क न हो पाने की शिकायत की गई है। एक परीक्षार्थी ने मुंबई में कहा, "जैसे ही मैंने अपना ट्यूटोरियल शुरू किया कम्प्यूटर का स्क्रीन ब्लैंक हो गया। उसके बाद हमें कुछ भी करने की अनुमति नहीं दी गई। हमें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। हमें बस शांत होकर बैठे रहने के लिए कहा गया। दो घंटे बाद अधिकारी आए और उन्होंने कहा कि हमारी परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी।"
अमेरिकी कंपनी, प्रोमेट्रिक ने कैट परीक्षा के लिए यह सॉफ्टवेयर विकसित किया है। कंपनी और कैट समिति की ओर से कहा गया है कि परीक्षा ज्यादातर सफल रही है।
प्रोमेट्रिक के प्रबंध निदेशक सौमित्रा रॉय ने आईएएनएस को बताया, "पूरे भारत में परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। अधिकतम परीक्षार्थियों को शामिल करने के लिए प्रोमेट्रिक और आईआईएम ने सुबह की परीक्षा लगभग आधा घंटा देर से शुरू की। कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण कुछ परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा का समय फिर से निर्धारित किया गया है।"
भारतीय प्रबंधन संस्थानों ने परीक्षा में शामिल सभी छात्रों को नोटिस भेजकर सात दिसम्बर तक परीक्षा के नए प्रारूप पर चर्चा करने से बचने को कहा है।
देश के 32 शहरों में 105 केंद्रों पर हो रही इस परीक्षा में 240,000 छात्र शामिल हो रहे हैं। परीक्षा सात दिसम्बर तक चलेगी।
पिछले वर्ष लगभग 276,000 परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण करवाया था। कई विशेषज्ञों ने आईएएनएस को बताया है कि कैट के ऑनलाइन होने के कारण इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या में गिरावट आई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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