पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त प्रभावशाली लोगों की शामत
इस्लामाबाद, 28 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान में ऐसे करीब 8000 लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं जो अपने रसूख के बल पर भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त हो गए थे। इनमें कई नेता, नौकरशाह और सैन्य अधिकारी शामिल हैं।
पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने इन प्रभावशाली लोगों को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के फैसले को चुनौती देने वाले आवेदनों पर सुनवाई शुरू करने का फैसला लिया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि खुद राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ऐसे लोगों की सूची में शामिल हैं। अदालत सरकार द्वारा उन्हें दी गई रियायत का अध्ययन करेगी। इन सभी को राष्ट्रीय मेल-मिलाप अध्यादेश (एनआरओ) के तहत आरोपों से मुक्त कर दिया था।
वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने एनआरओ जारी कर हजारों प्रभावशाली लोगों को भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त कर दिया था। इस अध्यादेश ने तब पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और उनके पति एवं मौजूदा राष्ट्रपति जरदारी की वतन वापसी का रास्ता साफ किया था।
एनआरओ की मियाद शनिवार को समाप्त होते ही इन लोगों के खिलाफ अदालती कार्रवाई का रास्ता साफ खुल गया है। अब अदालत इन लोगों की नियति का निर्णय करेगी। प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि मामलों को अदालत के हवाले करने का फैसला किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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