परमाणु हथियारों पर पाक राष्ट्रपति का संवैधानिक नियंत्रण समाप्त
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक जरदारी पर देश का महज प्रतीकात्मक राष्ट्र प्रमुख बने रहने या पद से इस्तीफा देने का दबाव बन रहा है। माना जा रहा है कि जरदारी ने यह रुख बढ़ते दबाव के कारण अपनाया है। नेशनल कमांड अथॉरिटी (एनसीए) के स्वरूप में बदलाव कर यह शक्ति राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री को सौंप दी गई है। देर शुक्रवार को जरदारी ने जिन 28 अध्यादेशों पर हस्ताक्षर किया, उनमें से एक अध्यादेश एनसीए के स्वरूप में बदलाव से जुड़ा था।
राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर ने एक बयान में कहा, "एनसीए अध्यादेश 2009 के तहत राष्ट्रपति के अधिकारों में यह बदलाव किया गया है।" जरदारी पर विपक्षी दलों, न्यायपालिका और सेना का दबाव बढ़ता जा रहा है। मीडिया का एक प्रभावशाली वर्ग भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल चुका है। उन पर और उनकी पार्टी पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप है। वहीं, उन पर देश की राजनीति पर सेना की पकड़ कमजोर करने की साजिश रचने का भी आरोप लग रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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