'नक्सली सलाना 2,000 करोड़ रुपये उगाही करते हैं'
रायपुर, 28 नवंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक विश्व रंजन का कहना है कि देशभर में नक्सली प्रतिवर्ष लौह अयस्क और खदान कंपनियों, निर्माण परियोजनाओं के ठेकेदारों और व्यापारियों से 2,000 करोड़ रुपये तक की राशि एंठते हैं।
आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में रंजन ने कहा, "जबरन वसूली से नक्सलियों की प्रतिवर्ष 2,000 करोड़ रुपये तक की कमाई होती है, सबसे अधिक कमाई झारखण्ड से होती है।"
रंजन गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) के अतिरिक्त महानिदेशक भी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि जबरन उगाही का यह आंकड़ा हाल के महीने में नक्सलियों से बरामद दस्तावेजों पर आधारित है।
रंजन ने कहा कि नक्सली सबसे अधिक उगाही लौह अयस्क और खदान कंपनियों और निर्माण से जुड़े ठेकेदारों से करते हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा वे नक्सल प्रभावित इलाकों में तेंदू पत्ता व्यापारियों से भी उगाही करते हैं।
तेंदू पत्ते का इस्तेमाल बीड़ी बनाने में होता है। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में इस पत्ते का लाखों रुपये का कारोबार होता है।
रंजन ने कहा कि उगाही का 20 फीसदी हिस्सा नक्सली सदस्य रखते हैं जबकि 80 फीसदी हिस्सा प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी के पास जाता है। उन्होंने कहा नक्सली इस रकम का प्रयोग हथियारों की खरीद, पार्टी बैठकों, शहरी इलाकों में नेटवर्क बढ़ाने जैसे कार्यो में करते हैं।
रंजन ने उन रिपोर्टों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि सुरक्षा बल नक्सलियों के अड्डों पर हवाई हमले करेंगे। उन्होंने कहा, "छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बल नक्सलियों के अड्डों पर हवाई हमले नहीं करेंगे क्योंकि ये इलाके इतने घने वन क्षेत्रों में हैं कि आप ऊंचाई से जमीन देख नहीं सकते।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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