भोपाल में मटुकनाथ और जूली का विरोध
मटुकनाथ जब रवींद्र भवन पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद संस्कृति बचाओ मंच के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और उनकी ओर झपटे भी। पुलिस किसी तरह उन्हें बचाकर एक कमरे में ले गई। मटुकनाथ और जूली को काफी देर तक कमरे में बंद रखा गया।
मटुकनाथ ने इस विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विरोध करना तो विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों का पुराना धंधा है। अगर उनकी ओर से ऐसा न हो तो आश्चर्य की बात है। उन्होंने आगे कहा कि जिसे संगठन को विचार मात्र से खतरा हो और जो विचार न पनपने देना चाहता हो, जो विचारों पर कुंडली मारकर बैठ गया हो उस संगठन का नाम है विश्व हिंदू परिषद। ऐसी परिषदें ही देश के लिए खतरा है। उनके लाख प्रयास के बावजूद ऐसी किताबे छपती रहेंगीं।
इस मौके पर जूली ने कहा, "जिनका काम हंगामा करना है, वे हंगामा करें, हम तो अपनी बात कहेंगे। दूसरों को भी स्वतंत्रता है कि वे लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात कहें, हंगामा करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने किताब का विरोध करने वालों को सलाह दी कि वे पहले उसे पढ़े, पसंद न आए तो उसे न माने।
संस्कृति बचाओ मंच के उग्र होते प्रदर्शन को देखकर पुलिस ने दोनों को विमोचन स्थल जाने से रोका और एक कमरे में बंद कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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