दुबई संकट से बेअसर रहेगा भारत : आनंद शर्मा (लीड-1)
नई दिल्ली, 27 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि दुबई की सबसे बड़ी सार्वजनिक इकाई दुबई वर्ल्ड को कर्ज अदायगी में आ रही दिक्कतों से पैदा हुए संकट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
शर्मा ने कहा, "भारत की अर्थव्यवस्था काफी बड़ी है। यह एक लचीली अर्थव्यवस्था है। मुझे नहीं लगता कि दुबई के रियल एस्टेट कारोबार में हुए किसी घटनाक्रम का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई असर हो सकता है।"
शर्मा ने कहा, "जहां तक भारत का प्रश्न है, आवास, रियल एस्टेट क्षेत्र और निर्माण उद्योग बेहतरीन काम कर रहे हैं। इस की पुष्टि निर्माण सामग्री, सीमेंट और इस्पात की बढ़ती मांग से होती है।"
दूसरी ओर वित्त सचिव अशोक चावला की राय इस बारे में थोड़ी अलग है। वह इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से पहले हालात का अध्ययन करना चाहते हैं।
चावला का कहना है, "हमें अध्ययन करना होगा कि यह मसला है क्या, यह समस्या है क्या। भारत की अर्थव्यवस्था, इसकी जनता और कारोबारों पर इसका क्या असर हो सकता है।"
यह पूछने पर कि क्या इस संकट का असर देश में आने वाली पूंजी पर पड़ेगा, चावला ने कहा कि इसकी संभावना नहीं है।
भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने खाड़ी देशों में नौकरी कर रहे भारतीय कामगारों के भविष्य पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस संकट का असर काफी कुछ अर्थव्यवस्था पर और रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव पर निर्भर करेगा।
रेड्डी ने कहा, "अगर संपत्ति या शेयर की कीमतों में कमी आई, तो यह अलग बात है। इसका असर सिर्फ एक वर्ग के लोगों पर पड़ेगा। लेकिन इसका असर उन देशों के जीवन स्तर, रोजगार के हालात, आर्थिक गतिविधियों पर किस तरह पड़ेगा, जहां हम नौकरी करते हैं?"
चावला का कहना है कि नौकरियों और तनख्वाहों पर इसका असर पड़ने की संभावना नहीं है।
गौरतलब है कि दुबई वर्ल्ड के वित्तीय संकट का असर पिछले दो दिनों से दुनिया भर के प्रमुख शेयर बाजारों पर पड़ा है जिनमें भारतीय शेयर बाजार भी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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