व्हाइट हाउस की सुरक्षा में चूक से भारतीय अधिकारी अचंभित
विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा के प्रभारी एक वरिष्ठ प्रोटोकॉल अधिकारी का कहना है, "हमें खुशी है कि यह अमेरिका में हुआ, जो सुरक्षा में ऐसी चूक कभी यहां हैदराबाद हाउस या विज्ञान भवन में हो जाती, तो यह विवाद जल्दी न थमता और कई लोगों की नौकरियां जातीं।"
उन्होंने कहा, "हम जानना चाहते हैं कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण आवास में सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई।"
अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस बात की पड़ताल में जुटी हैं कि किस तरह तारिक और मिशेल सलाही नाम की यह जोड़ी बिन बुलाया मेहमान बनकर व्हाइट हाउस में प्रवेश पा सकी। उनका नाम सरकारी मेहमानों की सूची में न था। एजेंसियों का कहना है कि यह प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन है।
उन दोनों बिन बुलाए मेहमानों ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जो बिडेन, चीफ ऑफ स्टाफ रहम ,एमैनुअल, संगीतकार ए. आर. रहमान, वाशिंगटन के मेयर एड्रियान फेंटी और वाशिंगटन में भारतीय दूतावास के उप-प्रमुख अरुण सिंह के साथ फोटों भी खिंचवाईं।
एसपीजी ने इस बारे में सीक्रेट सर्विस पर कोई सवालिया निशाना नहीं लगाया।
सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों को वह दिन आज भी याद है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जार्ज बुश की यात्रा के दौरान उन्हें पुराने किले का चप्पा-चप्पा छानना पड़ा था। बुश के भाषण से 72 मिनट पहले अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर भारतीय सुरक्षा अधिकारियों ने पूरे इलाके की तलाशी के बाद उसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था। इतना ही इसमें शिरकत के इच्छुक लोगों को एक घंटा पहले पहुंचने को कहा गया था।
खुफिया अधिकारियों के अनुसार भारत में वाहनों की आवाजाही के समय, वाहनों के बीच में आ जाने जैसी चूक तो होती रहती है, लेकिन इस प्रकार के विशेष आयोजन में ऐसी चूक कभी नहीं हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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