असम में बंद के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
उल्फा 1980 में चलाए गए सैन्य अभियान के विरोध में 28 दिसंबर को 'काला दिवस' के रूप में मनाएगा।
असम के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, " उल्फा पहले भी बंद के दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए महत्वपूर्ण जगहों तेल सुविधाओं, रेल पटरियों और भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाता रहा है। इसे देखते हुए हम कोई खतरा मोल नही ले सकते।"
सरकार ने 28 दिसंबर 1990 को उल्फा को एक प्रतिबंधित संगठन घोषित किया था।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1990 में 28 दिसंबर को केंद्र सरकार ने असम गण परिषद (अगप) सरकार को भंग कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने 'ऑपरेशन बजरंग' नाम से एक सैन्य अभियान चलाया था।
एक अधिकारी ने कहा, " हमें खुफिया जानकारी मिली है कि बंद के दौरान यह संगठन हिसंक वारदातों को अंजाम देने की कोशिश कर सकता है। इसे लेकर हम पूरी तरह से सतर्क हैं।"
अधिकारी ने कहा कि हम उल्फा द्वारा तैयार की गई संभावित योजनाओं पर भी गौर कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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