मुंबई हमले के आरोपियों को दंडित किए जाने तक चुप नहीं बैठेंगे : मनमोहन (राउंडअप)

वाशिंगटन, 25 नवंबर (आईएएनएस)। मुंबई में पिछले वर्ष हुए आतंकी हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक कि आरोपियों को दंडित नहीं कर दिया जाता। अमेरिका-चीन संयुक्त बयान के मसले पर उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत की उन चिंताओं को दूर कर दिया है, जिसमें चीन से कहा गया है कि वह दक्षिण एशिया में अपनी भूमिका निभाए।

मनमोहन सिंह ने कहा कि अमेरिका ने परमाणु समझौते के जल्द क्रियान्वयन का भारत को भरोसा दिलाया है। सिंह ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि पुनशरेधन समझौते के रास्ते में खड़ी मामूली दिक्कतों को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।

मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से एक बार फिर कहा कि वह अपनी भूमि पर स्थित आतंकी ढांचे को नष्ट कर दे। सिंह ने यहां विलार्ड होटल में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "जब तक हम हमले के आरोपियों को दंडित नहीं कर देते, तब तक हमारी सरकार शांत नहीं बैठेगी।"

ज्ञात हो कि 26 से 29 नवंबर तक जारी रहे मुबई हमले के दौरान कुल 166 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान के 10 आतंकी समुद्री रास्ते से मुंबई में घुस आए थे। हमले के दौरान एक आतंकी को जिंदा पकड़ लिया गया था।

मनमोहन सिंह ने कहा, "हमने इस मामले को पाकिस्तान सरकार के साथ पूरी क्षमता से उठाया हुआ है। हमें उम्मीद है कि हमले के सूत्रधारों और उनके मददगारों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें दंडित किया जाएगा। आतंकवाद के ढांचे को और आतंकियों के सभी सुरक्षित ठिकानों को नष्ट किया जाना है।"

मनमोहन सिंह ने हमले के दौरान मारे गए सभी बेगुनाहों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। मंगलवार को जारी हुए संयुक्त घोषणा पत्र में राष्ट्रपति बराक ओबामा और मनमोहन सिंह ने मुंबई हमले के आरोपियों को दंडित किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित किया था।

अमेरिका के साथ हुए परमाणु समझौते पर मनमोहन सिंह ने कहा, "मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुई है। अमेरिकी प्रशासन परमाणु समझौते के जल्द क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है।"

सिंह ने कहा, "हमारे बीच अपने असैन्य परमाणु सहयोग समझौते को जल्द और पूर्ण रूप से क्रियान्वित करने को लेकर सहमति बनी है। यह भारत को उच्च प्रौद्योगिकी के हस्तानांतरण का रास्ता साफ करता है।"

यहीं पर मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया कि इस्तेमान ईंधन के पुनशरेधन के लिए प्रस्तावित एक महत्वपूर्ण समझौते के रास्ते में कुछ मामूली दिक्कतें हैं। लेकिन सिंह ने कहा कि इन दिक्कतों को भी अगले कुछ सप्ताहों के भीतर सुलझा लिया जाएगा।

सिंह ने कहा, "पुनशरेधन समझौते को लेकर कुछ मामूली दिक्कतें हैं। लेकिन वे दिक्कतें ऐसी नहीं हैं, जिन्हें दूर न किया जा सके। हमें विश्वास है कि अगले कुछ सप्ताहों के भीतर हम इन दिक्कतों को दूर कर लेंगे।"

प्रधानमंत्री से जब पाकिस्तान और दक्षिण एशिया में चीन की भूमिका के बारे में पूछा गया तो उन्होंने संवाददाताओं को बताया, "चीन संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई है।"

भारत पिछले सप्ताह बीजिंग में जारी हुए चीन-अमेरिका संयुक्त बयान को लेकर चिंतित था, जिसने कुछ इस तरह का संकेत किया था कि दक्षिण एशिया के स्थायित्व में चीन की एक भूमिका है। दिल्ली ने इस पर आपत्ति खड़ी की थी और कहा था कि पाकिस्तान के साथ कश्मीर पर द्विपक्षीय विवाद के बीच किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है।

सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि ओबामा ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि दक्षिण एशिया के मामलों में तीसरा कोई भी पक्ष हस्तक्षेप नहीं करेगा।

मनमोहन सिंह ओबामा प्रशासन के पहले सरकारी अतिथि के रूप में फिलहाल वाशिंगटन के चार दिवसीय सरकारी दौरे पर हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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