फर्जी स्टांप पेपर घोटाले में तेलगी को 10 साल की सजा
मिली जानकारी के अनुसार तेलगी ने इंदौर में मालवा इंटरप्राइजेज के नाम से एक प्रतिष्ठान शुरू किया था, जहां से इंदौर एवं धार के बैंक, बीमा आदि संस्थानों को स्टांप की आपूर्ति की जाती थी और आने वाली रकम को तेलगी को पहुंचायी जाती थी। इसका प्रमुख सोहैल खान को बनाया गया था। इसके अलावा शब्बीर शेख, जगजीवन तथा अब्दुल गफूर इस करोबार में हिस्सेदार थे। लंबी चली सुनवाई के बीच जगजीवन और अब्दुल गफूर की मौत हो गई।
इंदौर और धार में फर्जी स्टांप की आपूर्ति किए जाने के दोनों मामलों पर उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले की इंदौर के सीबीआई की विशेष अदालत में वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई चल रही थी।
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक टी.पी. नेगी ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि न्यायाधीश आर. के. जोशी ने गुरुवार को दोनों मामलों की सुनवाई करते हुए तेलगी और दो अन्य सोहैल खान तथा शब्बीर शेख को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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