महंगाई से सरकार चिंतित, नियंत्रण की जिम्मेदारी राज्यों की भी : मुखर्जी (राउंडअप)

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने लोकसभा में महंगाई के मुद्दे पर जारी चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा, "आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना राज्यों की भी जिम्मेदारी है। बढ़ती महंगाई से सरकार चिंतित है। हम समाज के कमजोर और गरीब तबके का ख्याल रखेंगे। जब कीमतें बढ़ती हैं, लोग प्रभावित होते हैं तो हम गंभीर रूप से चिंतित होते हैं। खेतों से लेकर बाजार तक भारी कुप्रबंध है।"

उन्होंने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्यों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्यों को आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे गरीबों की आय बढ़ सके।

मुखर्जी ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार 'जीडीपी वृद्धि' के मोह से ग्रस्त है और आम आदमी की समस्याओं के प्रति बेपरवाह है।

किसानों के कर्ज माफ करने जैसे संप्रग सरकार के कार्यो का हवाला देते हुए मुखर्जी ने कहा कि पिछले वर्ष के वित्तीय संकट से उबरने के लिए आंतरिक मांग बढ़ाने के लिए 186,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज दिए गए हैं।

कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर मुखर्जी ने कहा कि राज्य सरकारों को आगे आना चाहिए और जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। मुखर्जी ने कहा, "यदि आप चाहते हैं कि केंद्र सरकार ऐसा करेगी तो कृपया मुझे क्षमा करें।"

इससे पहले महंगाई के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित समूचे विपक्ष ने सरकार को घेरा और उसकी नीतियों की जमकर आलोचना की।

नियम 193 के तहत महंगाई के विषय पर चर्चा की शुरुआत करते हुए जनता दल (युनाइटेड) के राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह ने कहा, "कांग्रेस और महंगाई दोनों एक दूसरे के पर्यायवाची बन गए हैं। देश में कांग्रेस की सरकार आती है और महंगाई बढ़ने लगती है।"

उन्होंने कहा, "महंगाई बढ़ रही है लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। महंगाई कम हो, यह उसकी मंशा ही नहीं है। इस सरकार की नीयत ही खराब है। सरकार कहती है कि देश में खाद्यान्न की कमी नहीं है और मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर भी कोई खास नहीं है फिर यह महंगाई क्यों है। सरकार को तत्काल महंगाई रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।"

भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने अपने लंबे भाषण के दौरान सरकार पर कृषि क्षेत्र की अवहेलना किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सरकार की मूल्य नीति जनविरोधी है। सरकार गरीबों के एवज में अमेरिका की सेवा कर रही है। कृषि मंत्री जी, उठिए और सरकार से कहिए कि आपकी नीतियां गलत हैं।"

समाजवादी पार्टी के मुलायमसिंह यादव ने कहा कि सरकार देश में प्रति वर्ष बढ़ रही महंगाई को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा, "कृषि मंत्री को यह बताना ही होगा। देश प्रतिदिन कमजोर क्यों हो रहा है। आप मूल्यों को क्यों नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं। आप (शरद पवार) किसान नेता के रूप में जाने जाते हैं फिर किसान बदहाल क्यों हैं।"

मुलायम ने कहा, "देश का एक चौथाई धन तो सिर्फ 100 परिवारों के पास है। उन्हें अपना धन और बढ़ाने में आप आखिर कितनी मदद करेंगे।"

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के दारा सिंह चौहान ने कहा, "वैश्विक मंदी के बावजूद कई देशों में महंगाई कम हुई है लेकिन हमारे देश में महंगाई कम होने की बजाए प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।"

जनहित से जुड़े इतने बड़े मुद्दे पर चली चर्चा को लेकर देश के जनप्रतिनिधि इस मामले में कितने गंभीर थे इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 545 सदस्यों वाली लोकसभा में गुरुवार को मंहगाई पर हुई चर्चा के दौरान अधिकांश सांसद अनुपस्थित रहे।

पिछले सप्ताह से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन से समूचा विपक्ष मंहगाई के विषय पर चर्चा की मांग कर रहा था। सरकार ने इस पर चर्चा के मंगलवार दिन मुकर्रर किया था, लेकिन लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उपनेता सुषमा स्वराज ने इस पर गुरुवार को विस्तृत चर्चा कराने का सुझाव दिया था जो सरकार की ओर से स्वीकार कर लिया गया था।

इस विषय पर गुरुवार को जब चर्चा आरंभ हुई तो अधिकांश सांसद अनुपस्थित दिखे। चर्चा के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब पूरे सदन में महज 80 सदस्य ही उपस्थित थे। दोपहर डेढ़ बजे से चार बजे के बीच सदन में उपस्थित सदस्यों की अधिकतम संख्या 90 रही।

यहां तक कि विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज भी अनुपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष अजीत सिंह भी सदन से नदारत रहे। सत्ता पक्ष की ओर से भी कृषि मंत्री शरद पवार सहित कुछ ही मंत्री सदन में उपस्थित थे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+