तिहाड़ में बने देशी ब्रेड पर लगेगा विदेशी मक्खन!
नई दिल्ली, 26 नवंबर (आईएएनएस)। तिहाड़ में कैदियों द्वारा तैयार की गई देशी ब्रेड पर अब जल्द ही विदेशी मक्खन लगने वाला है। जेल प्रशासन ने इसकी तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है। इसके लिए विदेशी वितरकों से बातचीत का दौर अंतिम चरण में है। जेल प्रशासन की मानें तो जल्द ही जेल में कैदियों द्वारा बनाए जा रहे विभिन्न उत्पादों की बिक्री विदेशों में भी की जाएगी।
तिहाड़ जेल के प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया, "जेल के कैदियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए हमने इन उत्पादों को वितरकों के माध्यम से विदेश भेजने की योजना बनाई है। इसके लिए कुछ बड़े वितरकों ने जेल प्रशासन से संपर्क कर इसकी बिक्री विदेश में करने की इच्छा जताई है।"
जेल अधिकारियों के मुताबिक जेल के अंदर बेकरी उत्पादों के काम में करीब 400 से अधिक कैदी लगाए गए हैं। यहां पर कैदियों द्वारा ब्रेड, बिस्किट, विभिन्न किस्म के नमकीन और आलू चिप्स के साथ ही विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इन उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसे विदेशों में विशेष शो-रूम के जरिए बेचने की योजना है। इन वितरकों के माध्यम से विदेशी में इनकी बिक्री कहां-कहां की जाएगी इसके लिए वितरकों के साथ बातचीत चल रही है। दिल्ली में पीतमपुरा स्थित 'दिल्ली हाट' में पहले ही ये उत्पाद लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुके हैं।
जेल में कैदियों द्वारा तैयार किए जा रहे इन उत्पादों की खासियत यह होती है कि एक तो इनकी पैकिंग काफी शानदार होती है वहीं ये उत्पाद बाहर के बाजारों में बिकने वाले उत्पादों के मुकाबले सस्ते होते हैं। कैदियों द्वारा बनाये जा रहे इन उत्पादों से जेल प्रशासन की कमाई 1.50 से 2 करोड़ रुपये के आसपास प्रति वर्ष हो रही है। जेल परिसर के अंदर बने रेजिडेंशियल कांप्लेक्सों में तो लोग केवल तिहाड़ के उत्पादों का ही प्रयोग कर रहे हैं।
जेल अधिकारियों की माने तो जेल के अंदर बेकरी उत्पाद के काम में लगे कैदियों को भी इस कमाई का लाभ मिलता है। उत्पादों के जरिए होने वाली कमाई का एक हिस्सा कैदियों के लिए चलाए जा रहे सुधार कार्यक्रमों पर भी खर्च होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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