महिंद्रा सत्यम के प्रति पक्षपात नहीं हुआ : खुर्शीद
खुर्शीद ने संवाददाताओं से कहा, "किसी ने कोई पक्षपात नहीं किया। मेरा मानना है कि शेयरधारकों के लिए जो सबसे बेहतर किया जा सकता है, वे कर रहे हैं। उन्होंने जो सहायता मांगी, हमने उपलब्ध कराई।"
कंपनी के अधिकारियों का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि उनके सामने कठिन काम है और यदि इसके लिए वे कुछ समय चाहते हैं तो कानून के अनुसार उनको यह सुविधा मिली चाहिए।
कंपनी कानून बोर्ड ने महिंद्रा सत्यम को वर्ष 2008-09 से पहले के खातों की गलतियों और अन्य अनियमितताओं को सुधारने की अनुमति दी है। कंपनी तब सत्यम कंप्यूटर सर्विसिज के नाम से जानी जाती थी।
कंपनी कानून बोर्ड ने महिंद्रा सत्यम को जून 2010 तक खातों को सही करने का समय दिया है। इससे पहले इसके लिए अंतिम समय सीमा दिसम्बर, 2009 तय की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications