मध्य प्रदेश में भाजपा में फिर भारी पड़ी रिश्तेदारी
प्रदेश में होने वाले नगरीय निकायों के चुनाव को लेकर भाजपा ने इस बार नेताओं के रिश्तेदारों की बजाय कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया था। पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने भी जगह-जगह महिला कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर यहां तक कहा था कि पार्टी उन्हीं महिलाओं को उम्मीदवार बनाएगी जो सक्रिय कार्यकर्ता हैं, किसी की रिश्तेदारी को महत्व नहीं दिया जाएगा।
पार्टी के तमाम नेताओं की घोषणा के बावजूद महापौर पद के चार ऐसे उम्मीदवार हैं जो सीधे तौर पर नेताओं के रिश्तेदार हैं और यह चारों महिला उम्मीदवार हैं।
प्रदेश में नगरीय निकाय का पहला ऐसा चुनाव है जिसमें 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित है। भाजपा ने नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर की पुत्रवधु कृष्णा गौर को भोपाल से, आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह की पत्नी भावना शाह को खण्डवा से, वरिष्ठ नेता नरेश गुप्ता की पुत्रवधु समीक्षा गुप्ता को ग्वालियर से और वर्तमान महापौर अतुल पटेल की पत्नी माधुरी पटेल को बुरहानपुर से महापौर पद का उम्मीदवार बनाया है।
महापौर पद के लिए घोषित किए गए 13 में से अधिकांश उन्हीं लोगों को उम्मीदवार बनाया गया है जिनके परिवार का कोई सदस्य पहले से ही पार्टी में सक्रिय है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजेंद्र सिंह सिसौदिया ने आईएएनएस से चर्चा करते हुए कहा है कि पार्टी ने तय किया था कि रिश्तेदारों को टिकट नहीं दिया जाएगा, इसका आशय यह था कि जो राजनीति में सक्रिय नहीं है उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन्हें महापौर का उम्मीदवार बनाया गया है वे भले ही किसी के रिश्तेदार हों मगर पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी का आधार सक्रियता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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