तिहाड़ में बंद पाकिस्तानी नागरिकों को राजनीतिक शरण नहीं
सरकारी अधिवक्ता ने मुख्य न्यायाधीश अजीत प्रकाश शाह और न्यायाधीश एस. मुरलीधर की दो सदस्यीय खंडपीठ को बताया कि राजनीतिक शरण की उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया है और उनके निर्वासन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
पाकिस्तानी नागरिकों के लिए नियुक्त अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें सरकार के फैसले से अवगत नहीं कराया गया है। अदालत ने सरकार से एक सप्ताह के अंदर जानकारी देने को कहा है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है।
गौरतलब है कि अप्रैल 2007 में मेहदी फाउंडेशन के सदस्य पाकिस्तान से इस डर से भाग निकले थे कि उन पर नास्तिकता को बढ़ावा देने के आरोप में अभियोग लगाया जा सकता है।
भारत आकर इन सदस्यों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट जला दिए थे।
पाकिस्तानी नागरिकों ने पिछले साल अपने निर्वासन को रोकने के लिए अदालत में एक जनहित याचिका दायर की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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