एमसीडी में नई नियुक्तियों से महापौर का इंकार (लीड-1)
एमसीडी के महापौर कवंर सेन ने आईएएनएस को बताया, "एमसीडी 22,853 कर्मचारियों के बिना उसी तरह काम कर रही है। वे केवल अतिरिक्त थे। हमारे पास काफी लोग हैं। हम कर्मचारियों की नियुक्ति की योजना नहीं बना रहे हैं लेकिन हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि बिना काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन न मिले।"
दिल्ली के महापौर कंवर सेन ने गुरुवार को एमसीडी फर्जी कर्मचारी घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।
एमसीडी के पास 127,049 कर्मचारी हैं लेकिन केवल 104,241 कर्मचारी ही बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में दर्ज हैं। बायोमेट्रिक प्रणाली के अंर्तगत 22,853 फर्जी कर्मचारियों का पता चला है जो प्रति महीने फर्जी तौर पर 17 करोड़ रुपये बतौर वेतन ले रहे थे।
महापौर ने आईएएनएस को बताया, "बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली से नगर निगम में 22,853 फर्जी कर्मचारियों का पता चला है। जबकि मैं पहले ही दिल्ली के राज्यपाल तेजेंद्र खन्ना को लिखकर जांच कराने की मांग कर चुका हूं। मैं इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग कर रहा हूं।"
उन्होंने कहा कि इस मामले में सीबीआई जांच की आवश्यकता है कि किसने इन फर्जी कर्मचारियों को रखा जो फर्जी तौर पर प्रति महीने अपना वेतन निगम से लेते रहे।
महापौर के अनुसार इन फर्जी कर्मचारियों पर करदाताओं की राशि का बड़ा हिस्सा खर्च किया गया है जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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