मतदाता को कहा गया, आपकी मौत हो चुकी है!
राज्य में बुधवार को पहले दौर के मतदान के दौरान मत देने पहुंचे चटर्जी ने आईएएनएस को बताया, "मतदाता सूची में मेरी पत्नी और मेरे बच्चों का नाम दर्ज था लेकिन मतदान अधिकारी ने मुझसे कहा कि दीपक रंजन चटर्जी की मृत्यु हो चुकी है। मैं यह जानना चाहता था कि यह कैसे संभव हुआ। मतदाता सूची में पिता के रूप में मेरा नाम दर्ज है और मैं यहां समाजिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहा हूं।"
पहले चरण के मतदान के दौरान कई अन्य लोगों ने भी मतदाता सूची से अपना नाम गायब होने की शिकायत की।
दीपक रंजन चटर्जी की तरह ही जमशेदपुर में अधिवक्ता अरूण सान्याल भी मतदान केंद्र पर मतदाता सूची में अपना नाम न पाकर निराश हुए।
सान्याल ने कहा, " मैं इस शहर में पैदा हुआ था और पिछले 40 वर्षो से लगातार मतदान करता आ रहा हूं लेकिन इस बार मेरा नाम मतदाता सूची से गायब है जबकि मेरे पूरे परिवार का नाम मतदाता सूची में दर्ज है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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