आडवाणी की मांग पर प्रणब और भाजपा सदस्यों के बीच नोंकझोंक
शून्य काल में मामला उठाते हुए आडवाणी ने 26/11 के पीड़ितों के राहत और पुनर्वास कार्यक्रमों का समन्वय गृह मंत्रालय से करने को कहा।
आडवाणी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार, केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने आतंकवादी हमले के पीड़ितों को राहत और पुनर्वास का आश्वासन दिया था, लेकिन राहत बहुत धीमी गति से दी जा रही है। उन्होंने इस संदर्भ में पीड़ित परिवारों को मिले मुआवजा के चेक और अन्य राहतों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का काम गृह मंत्रालय को करना चाहिए।
आडवाणी के भाषण के तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कांग्रेस के सांसद मधु गौड़ याक्षी को अन्य प्रश्न पूछने के लिए आमंत्रित किया।
इस पर भाजपा नेता अनंत कुमार ने सदन में प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति की ओर संकेत करते हुए सरकार से आडवाणी की मांग पर जवाब देने को कहा।
इस पर खिन्न प्रणब ने कहा कि वह सदन में विपक्ष के नेता को सुनने आए हैं न कि आपको (अनंत कुमार)।
उन्होंने कहा, "मैं यहां केवल उन्हें (आडवाणी) सुनने आया हूं। आपको सुनने नहीं (अनंत कुमार)।" साथ ही उन्होंने कहा कि शून्य काल के हर सवाल का जवाब देना जरूरी नहीं है। इसे आदत में मत डालिए।
मुखर्जी की इस टिप्पणी के बाद अनंत कुमार के नेतृत्व में भाजपा सदस्यों और मुखर्जी के बीच नोंकझोंक शुरू हो गई।
मुखर्जी ने कहा, "आप 26/11 पर राजनीति कर रहे हैं।"
अंतत: मीरा कुमार ने हस्तक्षेप किया और कहा, "आज बहुत दुखद दिवस है। हमने अपनी श्रद्धांजलि दी है और 26/11 पर एक प्रस्ताव पारित किया है।"
अध्यक्ष ने कहा कि वह मंत्री से शून्य काल के सवाल पर जवाब देने के लिए नहीं कह सकती।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications