अधिक कीमत की मांग को लेकर गन्ना किसानों का प्रदर्शन (लीड-1)
पुलिस के अनुसार मुजफ्फरनगर जिले के एहलम कस्बे में सैकड़ों किसानों ने जमकर हंगामा किया और पटरी को क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे यहां रेल सेवाएं बाधित हुईं। मुजफ्फरनगर के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजू बाबू ने संवाददाताओं को बताया कि किसानों के उग्र प्रदशर्न को देखते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पुलिस ने बताया कि किसानों ने सुबह दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग सहित जिले के कई दूसरे मार्गो को अवरुद्ध कर सार्वजनिक वाहनों को निशाना बनाया। मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार ने आईएएनएस को बताया कि जिले के एहलम कस्बे में उग्र किसानों ने दिल्ली-शामली पैसेंजर सहित अन्य रेलगाड़ियों को रोक दिया।
पुलिस के मुताबिक किसानों के प्रदशर्न की शुरुआत रामला कस्बे से हुई, जहां पर गुरुवार तड़के ही किसानों ने पंचायत कर आंदोलन करने का फैसला किया।
बागपत में किसानों ने बड़ौत और बिजनौर इलाकों में मुजफ्फरनगर-बागपत और बड़ौत-बागपत मार्ग जाम कर दिया। बागपत के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने आईएएनएस को बताया कि किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिले की सभी चीनी मिलों पर प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की तैनाती कर दी गई है।
चीनी मिलों के उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तय किए गए गन्ना मूल्य 170 रुपये प्रति क्विंटल के साथ 25 रुपये अतिरिक्त देने को तैयार होने के बाद भी किसान गन्ना देने के लिए राजी नहीं हैं। किसान गन्ने का मूल्य 280 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग कर रहे हैं।
उधर, चीनी मिलर्स एसोसिएशन द्वारा गन्ने का उचित मूल्य देने के आश्वासन के बाद राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने बुधवार रात ऐलान किया कि फिलहाल गुरुवार को प्रस्तावित चक्का जाम स्थगित कर दिया गया है। रालोद नेताओं का कहना है कि अगर किसान गन्ने के मूल्य को लेकर संतुष्ट नहीं होंगे तो यह आंदोलन नए सिरे से शुरू किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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