मुंबई हमले के बाद हम और मजबूत होकर उभरे : सोनिया (लीड-1)
मुंबई हमले की पहली बरसी की पूर्वसंध्या पर सोनिया ने एक बयान जारी कर कहा, "अगर आतंकी सोचते थे कि वे हमारे देश में फूट पैदा करेंगे, अशांति का वातावरण बनाएंगे और हमें राष्ट्रीय लक्ष्यों से भटका सकेंगे तो उनका यह सोचना पूरी तरह गलत साबित हुआ है। उस हमले के बाद भारत और मजबूत होकर खड़ा हुआ है।"
उन्होंने कहा, "26 नवम्बर की घटना से हमें कई बड़े सबक मिले हैं लेकिन हमने यह भी समझा है कि कोई भी आतंकवादी घटना मुंबई और उसके नागरिकों की मूल आत्मा को कभी भी दबा नहीं सकती। अगर आतंकवादियों का यह इरादा था तो वे अपने मकसद से बुरी तरह नाकामयाब हुए हैं। हमने इस एक वर्ष में देखा है कि मुंबईवासियों ने किस हिम्मत, धर्य और दृढ़ता के साथ अपने जीवन को पहले की तरह सामान्य बनाया है।"
सोनिया ने कहा कि उस बात को एक वर्ष हो गया जब मुंबई पर आतंकी हमले की त्रासदी की छाया पड़ी थी। आतंकियों का हमला निर्दोष व्यक्तियों, महिलाओं और बच्चों पर एक बर्बर हमला था। यह उस महानगर की मूल आत्मा, क्षमता, उद्यमी प्रकृति, उसकी संपन्नता और उसकी अनेकता में एकता की संस्कृति पर हमला था, जहां विभिन्न आस्थाों एवं वर्गो के लोग आपसी सद्भावना के साथ मिलकर रहते और काम करते हैं। यह एक प्रकार से भारत के सर्व-समावेशी स्वरूप पर हमला था।
उन्होंने कहा, "इन 12 महीनों में न उन लोगों के लिए हमारा दु:ख कम हुआ है जिन्होंने अपनी जान गंवाई थी, न उनके प्रति हमारी संवेदना धुंधली हुई जिन्होंने अपने प्रियजन खोए थे और न ही हम अपने सम्मान को लगी ठेस को ही भूल पाएं हैं जो इससे हमको लगी थी।"
उन्होंने कहा, "हमारे अफसर, मुंबई पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के जवान जो अपने कर्तव्य का पालन कर रहे थे, वे होटल कर्मचारी जो अपने अतिथियों की सेवा कर रहे थे, उन डाक्टरों, नर्सो और अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस सेवा के लोगों से भी हमें प्रेरणा मिलती है जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के अथक समर्पण के साथ घायल और आतंकित लोगों को राहत दी। जिस तरह हमारे देश के लोग हर संकट के समय एक होकर खड़े हुए, वह हम सबके लिए गर्व की बात है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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