संदीप उन्नीकृष्णन की शहादत युवाओं कर रही है प्रेरित
बेंगलुरू, 25 नवंबर (आईएएनएस)। पिछले साल 26 नवंबर को हुए मुंबई हमले में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए देश पर अपनी जान न्योछावर कर देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन की शहादत युवाओं को प्रेरित कर रही है।
यही वजह है कि बेंगलुरू के प्रसिद्ध स्कूलों में से एक में पढ़ने वाले कक्षा नौ के छात्र 14 वर्षीय रघु शास्त्री का नायक कोई और नहीं बल्कि संदीप उन्नीकृष्णन है।
मुंबई हमले के दौरान 28 नवंबर 2008 को ताज महल पैलेस और टावर होटल में आतंकवादियों से लड़ते हुए संदीप उन्नीकृष्णन शहीद हो गए थे।
रघु शास्त्री का लक्ष्य अब सेना में शामिल होकर देश के लिए जान न्योछावर करने का है।
रघु शास्त्री ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "संदीप उन्नीकृष्णन की शहादत ने मुझे काफी प्रेरित किया। इसके बाद मैंने सेना में शामिल होने और देश के लिए काम करने फैसला किया। वे मेरे नायक हैं और मैं उनके पदचिन्हों पर चलना चाहता हूं।"
संदीप उन्नीकृष्णन से प्रेरणा लेने वाले एक और शख्स हैं 25 वर्षीय बिजनेस प्रोसेसिंग आउटसोर्सिग (बीपीओ) कर्मचारी प्रकाश राय। सेना में शामिल होने का उनका सपना नहीं है लेकिन वह स्वयंसेवी संगठन की शुरुआत कर देश की सेवा करना चाहते हैं।
प्रकाश ने कहा, "मैं संदीप उन्नीकृष्णन के जीवन और देश के लिए जान न्योछावर कर देने से काफी प्रभावित हूं। ताज होटल में आतंकवादियों से लड़ते हुए उन्होंने अपनी जिंदगी के बारे में नहीं सोचा। मैं देश के निर्माण में अपना कुछ योगदान देना चाहता हूं। इसके लिए मैं एक एनजीओ शीघ्र शुरू करने वाला हूं जिसके जरिये साधनहीन बच्चों को शिक्षा मुहैया कराई जाएगी।"
अशोक चक्र विजेता 31 वर्षीय संदीप उन्नीकृष्णन माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनके पिता के. उन्नीकृष्णन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। संदीप बेंगलुरू में ही पले-बढ़े थे। यहां फ्रैंक एंथनी पब्लिक स्कूल में उन्होंने 14 साल तक शिक्षा ग्रहण की थी। इसके बाद वह वर्ष 1995 में पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में भर्ती हो गए थे।
संदीप के पिता ने कहा, "मेरा बेटा देश की बेहतरी में विश्वास रखता था। इसलिए हमने उसके निधन के बाद उसके अच्छे कामों की स्मृति में एक चैरिटी संगठन शुरू किया है। यह संगठन शिक्षा, विकलांग कल्याण और कैंसरग्रस्त बच्चों के लिए धन मुहैया कराएगा।"
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने पिछले साल 26 नवंबर को मुंबई के कई स्थानों पर हमला कर दिया था जिसमें 166 लोगों की मौत हो गई थी।
आखिरकार राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने अपनी कार्रवाई में आतंकवादियों को मार गिराया था। हालांकि इस अभियान में एनएसजी ने अपने जांबाज कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन और गजेंद्र सिंह बिष्ट को गंवा दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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