नेपाल में बजट पारित, माओवादियों ने आंदोलन बहाल किया
माओवादियों द्वारा सरकार को बजट पारित करने के लिए दी गई तीन दिन की मोहलत का बुधवार को अंतिम दिन था।
वित्त मंत्री सुरेंद्र नाथ पांडे ने संसद में तीन वित्तीय विधेयकों को पेश किया। संसद में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में माओवादियों ने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के संकल्प को जाहिर करने के लिए उसे निर्विघ्न रूप से पारित होने दिया।
यद्यपि पांडे ने संसद में बजट जुलाई में ही पेश कर दिया था, लेकिन माओवादियों के विरोध के कारण वह पारित नहीं हो पाया था। इसके कारण गठबंधन सरकार के सामने गंभीर वित्तीय संकट पैदा हो गया था।
दूरवर्ती जिलों में खाद्यान्न संकट पैदा हो गया था और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की आपूर्ति ठप हो गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को दो महीनों से वेतन का भुगतान भी नहीं हो पाया था। ऐसे में माओवादियों के प्रमुख व पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने सरकार को बजट पारित करने की अनुमति देते हुए तीन दिनों के लिए आंदोलन स्थगित करने की पिछले सप्ताह घोषणा की थी।
लेकिन माओवादियों ने एक तरह से बजट का बहिष्कार भी किया। उन्होंने महज कोरम पूरा करने के लिए अपने गिने-चुने सांसदों को ही संसद में भेजा, क्योंकि बजट पारित होने के दौरान विपक्ष की उपस्थिति आवश्यक होती है।
अब पूर्व माओवादियों ने शुक्रवार से फिर संसद न चलने देने की घोषणा की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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