कैबिनेट मंत्री की अनुपस्थिति पर लोकसभा में हंगामा
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बासुदेव आचार्य ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए उर्वरकों और बीज की कमी का मसला उठाया। उनके सावल का जवाब देने के लिए जब राज्यमंत्री खड़े हुए तो माकपा सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने इसका विरोध किया और कैबिनेट मंत्री की अनुपस्थिति की आलोचना की।
इन सदस्यों का कहना था कि किसानों से संबंधित इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन में चर्चा चल रही हो और कैबिनेट मंत्री उपस्थित न हों, यह गंभीर मामला है।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदस्यों को रोकते हुए कहा कि जवाब देना सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है, लेकिन सदस्य उनकी बात से सहमत नहीं हुए।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने हस्तक्षेप करते हुए भाजपा नेता अनंत कुमार से कहा, "आप भी मंत्री रह चुके हैं और नियमों को अच्छी तरह समझते हैं।"
इसके बावजूद सदस्यों का विरोध जारी रहा तो मुखर्जी ने कहा, "आप लोग आसन को चुनौती दे रहे हैं। यह स्वीकार्य नहीं है।"
उल्लेखनीय है कि अलागिरी संसद के पिछले सत्र में भी कई दिनों तक सदन से अनुपस्थित थे। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से तमिल में जवाब देने की अनुमति मांगी है क्योंकि वह न तो हिंदी में और न ही अंग्रेजी में धाराप्रवाह बोलने में सक्षम हैं। उनकी मांग लोकसभा अध्यक्ष के पास विचाराधीन है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications