राष्ट्रपति ने सुखोई में उड़ान भर इतिहास रचा (लीड-2)
पुणे के बाहरी हिस्से में स्थित वायु सेना के लोहेगांव बेस से विंग कमांडर ए. सजन ने बेहद कुशल तरीके से सुखाई को उड़ाया। वायु सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि विमान ने 10,000 फुट की ऊंचाई पर लगभग 800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरी, परंतु यह 1,100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के सुपरसोनिक स्तर पर नहीं गया।
राष्ट्रपति ने सुखोई में सुबह 10.55 बजे उड़ान भरी। इससे पहले लोहेगांव बेस पहुंचने पर पाटिल को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। चिकित्सा जांच के बाद पाटिल ने एक विशेष जी-सूट धारण किया, जो उड़ान के दौरान उच्च गुरुत्वाकर्षण दबाव के साथ सामंजस्य बनाए रखने में मदद करता है।
पाटिल 10.35 बजे विमान के भीतर पहुंची। उड़ान भरने से पहले उन्होंने एक गिलास पानी मांगा, लेकिन बाद में उन्होंने पानी पीने से मना कर दिया। इससे उनका उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता था।
राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक उड़ान का गवाह बनने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया बड़ी संख्या में मौजूद था। इसके अलावा महाराष्ट्र के गवर्नर एस. सी. जमीर और वायु सेना प्रमुख पी. वी. नाइक भी यहां उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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