इस्लाम के प्रति गलतफहमी को दूर करें मुसलमान : सऊदी राजदूत
नई दिल्ली, 25 नवंबर (आईएएनएस)। वहाबी समुदाय के संबंध में पूर्व कानून मंत्री राम जेठमलानी की टिप्पणी को खुद के लिए बंद अध्याय मानते हुए भारत में सऊदी अरब के राजदूत फैजल हसन त्राद ने कहा कि इस्लामी आतंकवाद के कलंक से छुटकारा पाने के लिए मुस्लिमों को लंबा रास्ता तय करना है।
आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में त्राद ने कहा, "धर्म की सभी मानवतावादी शिक्षाओं के बावजूद इस्लाम आज आतंकवाद से जुड़ा है। यह एक विडंबना है। यह एक वैश्विक भावना बन गया है और मुस्लिम जगत के लिए दुविधा का कारण है।"
राजदूत ने कहा, "मेरा मानना है कि धर्म से जुड़े कलंक को समाप्त करने में लंबा रास्ता तय करना है और हम कड़ा प्रयास करेंगे। मैं सहमत हूं कि आतंकवाद ने इस्लाम को अगवा कर लिया है लेकिन इस्लाम वह नहीं है जिसका वे प्रचार करते हैं और हत्याएं करते हैं। वास्तव में यह गैर इस्लामी है।"
आतंकवाद पर शनिवार को एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में जेठमलानी की टिप्पणी से नाराज त्राद ने सम्मेलन का बहिष्कार किया था। जेठमलानी ने कहा था कि वहाबी आतंकवाद को समर्थन देने वाले एक देश से भारत के मित्रतापूर्ण संबंध हैं।
मुहम्मद इब्न अब्दुल वहाब ने 18वीं सदी में वहाबी आंदोलन शुरू किया था। वह शुद्ध इस्लाम में विश्वास करते थे और जिन्हें वे गैर इस्लामी समझते थे, उनके खिलाफ आंदोलन छेड़ा।
त्राद ने कहा,"जेठमलानी सीधे तौर पर आतंकवाद के लिए इस्लाम और मेरे देश को दोषी ठहरा रहे थे। एक मुस्लिम और सऊदी अरब के राजदूत के रूप में मुझे जो करना चाहिए था, मैंने वही किया। मैंने बहिष्कार किया लेकिन पैनल में शामिल राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से खेद जताया। मैं यह नहीं दिखाना चाहता था कि मैंने उनका विरोध किया।"
उन्होंने कहा कि इस्लाम का जन्मस्थान होने के नाते सऊदी अरब पर मुस्लिम जगत की सेवा की भारी जिम्मेदारी है। सऊदी अरब को आतंकवाद पैदा करने के लिए जिम्मेदार ठहराना स्वीकार्य नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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