चिकित्सकों-तीमारदारों की बीच टकराव रोकेंगे मेडिकल सोशल वर्कर
लखनऊ स्थित सीएसएमएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एस.एन.शंकवार ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया कि मेडिकल सोशल वर्कर्स की नियुक्ति का फैसला मुख्यत: विश्वविद्यालय परिसर में चिकित्सकों और तीमारदारों के बीच होने वाले हंगामे और हाथापाई को रोकने की लिए किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक मेडिकल सोशल वर्कर्स न सिर्फ तीमारदारों को मरीजों को हाल बताएंगे बल्कि विश्वविद्यालय आने वाले मरीजों को भर्ती कराने के लिए उन्हें सही स्थान तक पहुंचाने में भी मदद करेंगे।
उन्होंने बताया कि चिकित्सक अपने काम में इतना व्यस्त होते हैं कि कभी-कभी तीमारदारों को मरीजों का हाल बता पाना मुश्किल होता है। ऐसे में तीमारदार उपेक्षा का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा करते हैं। मेडिकल सोशल वर्कर्स दोनों के बीच की कड़ी के रूप में काम कर बेहतर संवाद स्थापित करेंगे।
शंकवार ने कहा कि इनकी नियुक्तियां अलग-अलग चरणों में की जाएंगी। पहले चरण में विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर, गांधी वार्ड और बाल रोग विभाग जैसे संवेदनशील विभागों में इनकी नियुक्ति की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मेडिकल सोशल वर्कर्स को नियुक्त करने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। राज्य सरकार से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही नियुक्तियां शुरू हो जाएंगी।
इसी महीने सीएसएमएमयू के गांधी वार्ड में चिकित्सकों और तिमारदारों के बीच टकराव की तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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