मनमोहन सिंह ने और अधिक अमेरिकी निवेश का आह्वान किया (लीड-1)
वाशिंगटन, 23 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को अमेरिका के साथ एक रणनीतिक साझेदारी का आग्रह करते हुए भारत में अधिक अमेरिकी निवेश का आह्वान किया है।
भारत में निवेश कर रहीं शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के संगठन 'अमेरिका भारत व्यापार परिषद' (यूएसआईबीसी) को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "जो रणनीतिक साझेदारी एक मजबूत आर्थिक रिश्तों द्वारा नहीं खड़ी की गई होती, वह टिकाऊ नहीं होती।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "दूसरी बात यह कि आर्थिक संबंधों का ताना-बाना देशों के बीच बेहतर व गहरी समझ को बढ़ा कर व्यापारिक और जन संपर्को में तेजी लाता है।"
सिंह ने कहा, "अमेरिका के साथ हम इसी तरह का रिश्ता चाहते हैं। भारत की अमेरिका के साथ नए रिश्ते की शुरुआत कई मायनों में आर्थिक नीतियों और व्यापारिक क्रियाकलापों में आए बदलावों का स्वाभाविक परिणाम है।"
प्रधानमंत्री ने अमेरिकी व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि भारत आर्थिक सुधारों के लिए लगातार रास्ता तैयार करता रहेगा और नौ प्रतिशत की विकास दर हासिल कर लेगा, जो कि वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण पिछले दो वर्षो के दौरान पीछे छूट गई है।
अधोसंरचना से लेकर कृषि और रक्षा जैसे क्षेत्रों में अधिक अमेरिकी निवेश का आह्वान करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि वर्ष 1990 के दशक में भारत में शुरू हुए आर्थिक सुधार जारी रहेंगे।
इसके पहले सिंह ने घोषणा की कि भारत और अमेरिका ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन पर समझौते के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, "यह समझौता खास क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग हासिल करने के लिए एक खाका उपलब्ध कराएगा।"
मनमोहन सिंह ने कहा कि ये वे क्षेत्र हैं जिनमें अमेरिकी कंपनियां अग्रणी हैं। उन्होंने कहा, "हमें सहयोग के संभावित क्षेत्रों की तलाश करनी चाहिए।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "जिस तरह से भारत जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए अन्य देशों के साथ काम कर रहा है, उसी तरह हम घरेलू स्तर पर भी जलवायु परिवर्तन के लिए तैयार किए गए एक नेशनल एक्शन प्लान के जरिए समस्याओं से निपट रहे हैं। इस नेशनल एक्शन प्लान के तहत ऊर्जा दक्षता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कई नई पहलें की गई हैं।"
प्रधानमंत्री की यह घोषणा इस बात का साफ संकेत है कि भारत और अमेरिका ने दिसंबर में कोपनहेगन में प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन वार्ता के प्रति अपने नजरिए में व्याप्त मतभेदों को बुनियादी तौर पर दूर कर लिया है।
आधिकारिक सूत्रों ने आईएएनएस को बताया है कि मंगलवार की शिखर बैठक के दौरान मनमोहन सिंह और बराक ओबाम के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हो जाने के बाद कई सारी संयुक्त परियोजनाओं की जल्द घोषणा की जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications