भारत उभरती और जिम्मेदार ताकत : ओबामा (राउंडअप)
वाशिंगटन, 24 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का व्हाइट हाउस में मंगलवार को भव्य स्वागत किया और कहा कि भारत, अमेरिका का एक अपरिहार्य साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक उभरती और जिम्मेदार ताकत है और वह चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खात्मे के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे और इसके लिए खुफिया सहयोग बढ़ाएंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को अमेरिका की अपनी सरकारी यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में महान अवसर का क्षण करार दिया। इस अवसर पर दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, पर्यावरण को स्वच्छ करने और परमाणु हथियार मुक्त दुनिया बनाने जैसी वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने का आह्वान किया।
मनमोहन सिंह के स्वागत में व्हाइट हाउस में लाल कालीन बिछाए गए। ओबामा के कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में अब तक किसी विदेशी नेता का यह पहला सरकारी दौरा है।
कड़ी ठंड के कारण स्वागत समारोह व्हाइट हाउस के अंदर आयोजित किया गया। वहां मनमोहन सिंह और ओबामा ने ईस्ट रूम में छायाकारों और टेलीविजन कैमरों को पोज दिया। इस अवसर पर मैरीन बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगीतों की धुनें बजाईं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी गुरुशरण कौर का स्वागत करते हुए ओबामा ने कहा, "प्रधानमंत्री महोदय, आप हमारे पहले सरकारी अतिथि हैं और यह उचित भी है कि आपको और भारत को यह मौका मिला है।"
ओबामा ने कहा, "आपका यह दौरा हमारे लिए सम्मान की बात है और ऐसे में मैं अमेरिकी जनता के साथ आपके कुशल नेतृत्व की सराहना करता हूं।"
प्रधानमंत्री के साथ गए प्रतिनिधियों में विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के.नारायणन, विदेश सचिव निरूपमा राव, अमेरिका में भारत की राजदूत मीरा शंकर और उद्योगपतियों में रतन टाटा, आईसीआईसीआई की चंदा कोचर और एचडीएफसी के दीपक पारिख शामिल हैं।
ओबामा ने कहा कि भारत और अमेरिका वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए 21वीं सदी की निर्णायक साझेदारी निभाएंगे।
भारत को एक वैश्विक नेता करार देते हुए ओबामा ने कहा कि भारत, अमेरिका के लिए अपरिहार्य है और मनमोहन सिंह का वाशिंगटन दौरा दोनों देशों के बीच स्थायी रिश्ते को प्रदर्शित करता है।
ओबामा ने कहा, "मनमोहन सिंह का दौरा दोनों देशों के बीच स्थायी रिश्ते को जाहिर करता है। हमारी एक जैसी कहानी है। लोकतंत्र में दो साहसिक प्रयोग। दोनों देशों के संविधान 'हम' और 'जनता' जैसे शब्दों से शुरू होते हैं।"
ओबामा ने कहा कि दोनों देशों ने साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष का इतिहास रचा है। ओबामा ने कहा, "दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में हम अपने साझे मूल्यों में विश्वास रख सकते हैं। सभी मनुष्यों के हक और सम्मान के लिए खड़े हो सकते हैं और अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं।"
ओबामा ने कहा, "अमेरिका आज जिस भारत का स्वागत कर रहा है वह एशिया और पूरी दुनिया का एक नेता है। ये चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए हम साझेदारी के लिए तलब हुए हैं।"
इस अवसर पर मनमोहन सिंह ने ओबामा से कहा, "मैं और मेरी पत्नी आपके महान देश में आपके कार्यकाल के दौरान पहले सरकारी दौरे पर आकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "राष्ट्रपति महोदय, हम द्विपक्षीय रिश्ते के प्रति आपकी निजी मजबूत प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं।"
व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बगल में खड़े मनमोहन सिंह ने कहा, "हमारे रिश्ते के बीच यह महान अवसर का एक क्षण है।" स्वागत समारोह व्हाइट हाउस में अंदर रखा गया था, क्योंकि साउथ लान में स्वागत की सारी तैयारी बारिश में धुल गई थी।
मनमोहन सिंह ने ओबामा के स्वागत का जवाब देते हुए कहा, "भारत और अमेरिका को हमारी प्रतिभावान और उद्यमी लोगों की अपार संभावनाओं के दोहन के लिए मिल कर काम करना चाहिए और एक-दूसरे के विकास और समृद्धि में मदद करनी चाहिए।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "हमें आतंकवाद से मुकाबला करने, पर्यावरण को स्वच्छ बनाने और दुनिया को परमाणु हथियार मुक्त बनाने की वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग करना चाहिए।"
सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा का पहला सरकारी अतिथि बन कर वह खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "दोनों देश भौगोलिक दूरियों की वजह से भले ही अलग हैं, लेकिन लोकतंत्र के मूल्यों, बहुलतावाद, कानून के शासन और मूलभूत मानवीय भावनाओं का सम्मान करने के लिए हम सामूहिक रूप से बाध्य हैं।"
सिंह ने कहा, "हमने वर्षो से इन मूल्यों को बरकरार रखा है और एक ऐसी साझेदारी निभाई है, जो सिद्धांत और व्यावहारिकता दोनों पर आधारित है। हमारे रिश्ते बदल चुके हैं और वे अब मानव गतिविधि के हर क्षेत्रों में सहयोग की मांग करते हैं।"
मनमोहन सिंह ने द्विपक्षीय संबंधों के प्रति ओबामा की निजी मजबूत प्रतिबद्धता की सराहना की।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मंगलवार को कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अगले वर्ष 2010 में भारत आने का निमंत्रण स्वीकार करते हुए खुशी है।
ओबामा ने व्हाइट हाउस में मनमोहन सिंह के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भारत आज एशिया में उदीयमान और जिम्मेदार वैश्विक ताकत है। भारतीय नेतृत्व पूरे क्षेत्र में सुरक्षा का विस्तार कर रहा है। "
उन्होंने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अगले वर्ष भारत आने का निमंत्रण स्वीकार कर खुशी हो रही है। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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