शहीद के अन्तिम दर्शनों के लिए उमड़ा जनसैलाब
शहीद का शव लेकर आए उनकी युनिट के कमल सिंह ने बताया कि 20 नवम्बर की शाम जम्मू-कश्मीर के पुंछ इलाके में आतंकवादियों के होने की सूचना मिली तो आनन-फानन सेना के जवानों ने डटोत नाला क्षेत्र में घेराबन्दी कर ली। इसके बाद रात भर फायरिंग चलती रही। क्षेत्र में आतंकवादियों ने बारूदी सुरंगे भी बिछा रखी थीं। अगले दिन 21 नवम्बर को तड़के सेना के जवानों ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन प्रारम्भ किया। इस दौरान नाले में छिपे आतंकवादियों से सुरेश कुमार का आमना-सामना हो गया। सुरेश ने अदम्य वीरता दिखाते हुए दो आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया किन्तु इसी बीच दो गोली उनके गले में तथा एक गोली हाथ में लगी। इस प्रकार सुरेश कुमार ने अपनी शहादत और वीरता का इतिहास रच डाला।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद शीशराम ओला, उदयपुरवाटी के विधायक राजेन्द्र गुढ़ा, सूरजगढ़ के विधायक श्रवण कुमार, जिला कलेक्टर आलोक गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अजयपाल लाम्बा, पंचायत समिति प्रधान बिमला गुर्जर, राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक कर्नल फूल सिंह सहित अनेक पूर्व सैनिकों, स्थानीय जन प्रतिनिधियों, गणमान्य लोगों और परिजनों ने शहीद की पार्थिव देह पर पुष्प चक्र एवं पुष्पाजंलि अर्पित की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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