गैस की कीमत और मात्रा को लेकर कोई अस्पष्टता नहीं : आरएनआरएल (लीड-2)
प्रधान न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष वकील राम जेठमलानी ने कहा, "इस मामले में एक ही मुद्दा है वह है विश्वसनीय करार की कमी।"
आरआईएल पर इसी तरह के एक मामले में सार्वजनिक कंपनी एनटीपीसी को गैस की आपूर्ति समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए जेठमलानी ने कहा कि विश्वसनीय करार का मुद्दा अंबानी परिवार के भीतर व्यवसायों के पुर्नबटवारा समझौते के दौरान उठाया गया था।
उन्होंने कहा, "किसी ने ऐसा सुझाव नहीं दिया कि चलिए एक ऐसी कीमत तय करते हैं जो सरकार को मान्य हो।" उन्होंने कहा, "सरकार और आरआईएल के बीच उत्पादन बंटवारा समझौते का भी कोई जिक्र नहीं था।"
जेठमलानी ने कहा कि पारिवारिक समझौते के आधार पर विश्वसनीय कारार को क्रियान्वित करने के लिए कीमत, अवधि और मात्रा कभी कोई मुद्दा नहीं रहे। उन्होंने इसको साबित करने के लिए मुकेश व अनिल की मां कोकिला बेन के कई निर्देशों और बातों का जिक्र किया।
उन्होंने अदालत में यह भी कहा कि एक विश्वसनीय करार के लिए अंबानी बंधुओं ने एक बैठक की थी और बैठक के नतीजे के बारे में छोटे भाई ने मां कोकिला बेन को जानकारी दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरआईएल ने एनटीपीसी के साथ समझौते को इसलिए विवादित किया ताकि अनिल अंबानी की कंपनी को 2.34 डॉलर प्रति बैरल की दर से गैस की आपूर्ति नहीं करनी पड़े।
जेठमलानी के मुताबिक छोटे भाई ने मां से कहा था कि मुकेश ने मुझे पारिवारिक समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया है, लेकिन 18 जून 2005 को समझौते पर हस्ताक्षर होने से एक दिन पहले एनटीपीसी से साथ विवाद पैदा हो गया।
स्वर्गीय धीरूभाई अंबानी द्वारा स्थापित रिलायंस सम्राज्य के बंटवारे के बारे में हुई विभिन्न वार्ताओं का जिक्र करते हुए जेठमलानी ने कहा कि आरआईएल के एक निदेशक पी. गांगुली पर गलत शपथपत्र दाखिल करने के लिए मुकदमा चलना चाहिए।
जेठमलानी ने कहा कि 18 जून 2005 को निदेशक मंडल ने पारिवारिक समझौते को मंजूरी दी थी और उसी दिन पारित निदेशक मंडल के एक प्रस्ताव में कहा गया था कि अगर पारिवारिक समझौते के मुताबिक विघटन की योजना लागू नहीं होती है तो अनिल अंबानी को आरआईएल के निदेशक मंडल में शामिल करना होगा।
इससे पहले उद्योगपति अनिल अंबानी मंगलवार को आश्चर्यजनक तरीके से सर्वोच्च न्यायालाय में उपस्थित हुए।
जिस कक्ष में मामले की सुनवाई कर रही थी, उससे बाहर आते हुए अनिल अंबानी ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय में मेरी आज की उपस्थिति न्यायपालिक के प्रति मेरे गहरे सम्मान को दर्शाती है।"
उन्होंने कहा, "मैं यहां केवल अपने लिए नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बड़े शेयरधारक परिवार रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के करीब 1.1 करोड़ शेयरधारकों की ओर से आया हूं, जिनके हित इस मामले के फैसले से सीधे प्रभावित होंगे।"
प्रधान न्यायाधीश के. जी. बालाकृष्णन, न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी और न्यायाधीश पी. सथशिवम की तीन सदस्यीय खंडपीठ केजी बेसिन से निकलने वाली गैस में से 2.34 डॉलर प्रति यूनिट की दर से 17 वर्षो तक 2.8 करोड़ यूनिट गैस की आपूर्ति को लेकर आरएनआरएल और आरआईएल के बीच उठे विवाद की सुनवाई कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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