लखनऊ में शिक्षकों और कर्मचारियों पर लाठीचार्ज
अपनी मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश कर्मचारी-शिक्षक महासंघ के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में शिक्षक और कर्मचारी विधानसभा के बाहर प्रदशर्न कर रहे थे। सुरक्षा कारणों से शासन द्वारा सोमवार को एक आदेश जारी कर इस स्थल पर धरना प्रदर्शन प्रतिबंधित कर दिया गया।
लखनऊ के पुलिस उपाधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने आईएएनएस को बताया कि हमने जब प्रदर्शनकारियों से इस प्रतिबंधित स्थल पर धरना प्रदर्शन करने से मना किया तो वे पुलिस से भिड़ गए और विधानसभा के सामने मुख्य मार्ग जाम कर सार्वजनिक वाहनों को अपना निशाना बनाने लगे, जिसके बाद मजबूरन उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस से हाथापाई और झ्झड़प करने के आरोप में करीब 40 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। उधर शिक्षक और कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने दावा किया कि लाठीचार्ज में 10 लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिनका अस्पतालों में उपचार कराया जा रहा है।
संघ के सदस्य ए.पी. सिंह ने कहा कि हम शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन कर रहे थे, तभी वहां पुलिस आई और बिना हमारी बात सुने हम पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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