लिब्रहान रिपोर्ट : अयोध्या में मीडिया पर हमला किया गया था
न्यायमूर्ति एम.एस.लिब्रहान ने 1,000 पृष्ठों वाली अपनी रिपोर्ट में कहा है, "संवाददाताओं को छोटे दायरे में ही सीमित कर दिया गया था। या तो उन्हें प्रताड़ित किया गया या फिर डराया गया, लिहाजा उनका ज्यादा ध्यान घटना की रिपोर्टिग पर नहीं, बल्कि खुद को बचाने में लगा रहा।"
रिपोर्ट में कहा गया है, "छायाकारों को चित्र उतारने से या वीडियोग्राफी करने से रोका गया। उनके उपकरण तोड़ दिए गए और उनकी एक्सपोज की गई फिल्मों को नष्ट कर दिया गया।"
आयोग ने पाया है कि उस समय मीडिया में ध्रुवीकरण हो गया था और मीडिया का एक छोटा तबका संभवत: उत्तेजना फैलाने और दोषपूर्ण रिपोर्टिग का दोषी भी रहा।
रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है, "कारसेवकों ने अपने नेताओं के निर्देशों पर मीडिया पर जानबूझ कर हमला किया था। नेताओं ने मीडियाकर्मियों को रोकने, उन पर हमला करने और आपराधिक रूप से उन्हें धमकाने की कोशिश की थी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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