शहरी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक लोकसभा में पेश
लोकसभा में संवैधानिक (112वां संशोधन) विधेयक पेश करते हुए शहरी विकास मंत्री एस.जयपाल रेड्डी ने कहा, "शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण में वृद्धि न केवल उनके अधिक प्रतिनिधित्व और उनकी भागीदारी को सुनिश्चित कराएगा, बल्कि शासन और नीति नियामक प्रक्रिया में व्याप्त मुख्य धारा की लैंगिक चिंताओं से भी निजात दिलाएगा।"
रेड्डी ने कहा, "यह आवश्यक है, क्योंकि महिलाएं कुल आबादी का लगभग आधा हिस्सा हैं।"
पिछले चार जून को संसद में दिए अपने भाषण में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा था, "शहरी स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला एक विधेयक सरकार द्वारा पेश किया जाएगा, क्योंकि महिलाएं वर्ग, जाति और लिंग जैसी कई सारी समस्याओं से जूझती हैं। शहरी स्थानीय निकायों में उनके लिए आरक्षण बढ़ाए जाने से सार्वजनिक क्षेत्र में अधिक से अधिक महिलाओं का प्रवेश होगा।"
रेड्डी ने कहा कि यह विधेयक मंत्रालयों के बीच राय-मशविरा कर तथा राज्य सरकारों से बातचीत करने के बाद तैयार किया गया है।
रेड्डी ने कहा, "हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, तमिलनाडु, केरल, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का समर्थन किया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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